Wednesday, July 22, 2020

Tally Starting Screen

टैली में कार्य प्रारंभ करने के पूर्व टैली स्क्रीन के विभिन्न कंपोनेंट्स के साथ अपने आपको परिचित कर लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस स्क्रीन  में शामिल विभिन्न कम्पोनेंट्स निम्नानुसार होते हैं।

1. Title Bar :- Tally का Version दिखाता है ।

2. Horizontal button bar :– Language key,Key board  और Tally help को select करने का आप्शन  प्रोवाइड करता है।

3. Minimise button :- स्टैंडर्ड विंडोज आपरेटिंग सिस्टम्स फंक्शन निष्पादित करता है, हमें टैली को मिनिमाइज करने और अन्य एप्लिकेशन्स पर कार्य करने की  अनुमति देता है। टैली को रीस्टोर करने के लिए टास्कबार पर टैली के आइकॉन को क्लिक करें।

4. Gateway of Tally :- मेन्यूज, स्क्रीन्स, रिपोर्टस् प्रदर्शित करता है तथा उन विकल्पों व आंप्शन्स को स्वीकार करता है,जिन्हें हम डेटा
को अपनी इच्छानुसार देखने हेतु चुनते हैं।

5. Button tool bar :- टैली के साथ त्वरित सहभागिता प्रदान करने वाले बटन्स दर्शाता है। केवल वे ही बटन्स दिखाई देते हैं जो वर्तमान कार्य से संबंधित होते हैं।

6. Calculator  :- कैलक्यूलेटर का प्रयोग कैलकुलेशन करने के लिए किया जाता है।

7. Bottom Pen :- Version , रिलीज संबंधी डिटेल , वर्तमान दिनांक व सिस्टम टाईम दर्शाता है।

8. Language Button :– यूजर को लैंग्वेज कॉन्फ़िगर करने की अनुमति देता है।

9. Keyboard Button :- यूजर को फोनेटिक कीबोर्ड हेतु लैंग्वेज कॉन्फ़िगर करने की अनुमति देता है।



Wednesday, July 15, 2020

Golden Rules of Accounts (अकाउंटिंग के नियम)

Transaction करते समय, हमें डेबिट या क्रेडिट साइड का फैसला करना होता है। इसके निम्नलिखित नियम हैं

Personal Accounts  (व्यक्तिगत खाते )

पाने वाले को डेबिट

देने वाले को क्रेडिट

Debit : The Receiver or Debtor

Credit : The Giver or Creditor

Real Accounts(वस्तुगत खाते )

जो वस्तु व्यापार में आए उसे डेबिट करो

जो वस्तु व्यापार से जाए उसे क्रेडिट  करो

Debit : What comes in

Credit : What goes out

Nominal Accounts(नाममात्र के खाते )

समस्त प्रकार के खर्चे और हानियों को डेबिट करो

समस्त प्रकार के आय  और लाभों को क्रेडिट  करो

Debit : All Expenses & Losses

Credit : All Incomes & Gains

Tuesday, July 14, 2020

Excel Sheet पर Password लगाना*

*Excel Sheet पर Password लगाना
 
Step: #1 सबसे पहले एक्सल ओपन करके वर्कबुक तैयार करें. या फिर आप पहले से बनी हुई किसी अन्य एक्सल शीट का उपयोग भी इस कार्य के लिए कर सकते है. इसके लिए एक्सल शीट को ओपन कर लिजिए.

 Step: #2 अब बाएं कोने में ऊपर स्थित ऑफिस बटन पर क्लिक कीजिए फिर Prepare पर जाकर Encrypt Document पर क्लिक करें.

 Step: #3 ऐसा करने पर आपके सामने Encrypt Document नाम का डायलॉग़ बॉक्स ओपन होगा. यहाँ पर आप पासवर्ड एंटर करें और OK दबाएं.

 Step: #4 OK दबाने के बाद पासवर्ड कंफर्म करने के लिए दुबारा एंटर कीजिए. और ओके दबाएं.

 Step: #5 इसके बाद वर्कबुक को सेव करके बंद कर दें. अब आपकि वर्कबुक पासवर्ड से सुरक्षित हो चुकि है. इसे जाँचने के लिए इस वर्कबुक को दुबारा ओपन कीजिए. आप देखेंगे कि आपके सामने एक पासवर्ड बॉक्स आ रहा है.

 Step: #6 इस बॉक्स में सेट किया हुआ पासवर्ड एंटर करे और ओके दबाएं. आपकी वर्कबुक खुल जाएगी. 
 

Monday, July 13, 2020

Desktop के main Icons को Hide and Show करना*

*Desktop के main Icons को Hide and Show करना*
         *Window 7  और  Window 10*
1. Window7 
     Desktop के main Icons को लाने के लिए ये स्टेप बाय 
     स्टेप फॉलो करे 
   Desktop par right click
        Personalize
         Desktop icons
           Sab icons par click karenge aur ok 

2. Window10
    Sabse pehele setting par jayenge 
      Personalize and setting 
        Theme 
         Desktop icons
          Icons par click karke select karenge 
              Ok 
      
         
### *Desktop Icons को Hide और Unhide करना* 
 
Users जिस Icon को Desktop पर नही लाना चहाता हो या 
 फिर ज्यादा Icons हो जाते हैं तो Delete कर देते हैं. लेकिन, इसका दूसरा तरीका भी हैं. हम Desktop Icons को Hide कर सकते हैं. ऐसा करने के लिए
 

 Step: 1 सबसे पहले Desktop कि खाली जगह पर Right-Click कीजिए.
 Step: 2 अब विकल्पो में से पहले View फिर Show Desktop Icon पर क्लिक कीजिए.
 Step: 3 ऐसा करते ही सभी Icon Hide हो जाऐगे.
 Step: 4 Icons को Unhide 

Thursday, July 9, 2020

Difference between RAM and ROM Memory*

* Difference between RAM and ROM Memory*
 
RAM Memory (रैम मेमोरी) 1. यह रैंडम एक्सेस मेमोरी है | 
 2. इसमें यूजर द्वारा सूचनाओं को लिखा व पढ़ा जा सकता है| 
 3. यह कंप्यूटर की volatile मेमोरी होती है| 
 4. कंप्यूटर के बंद होते हैं इसमें संग्रह की सूचनाएं नष्ट हो जाती हैं| 
 5. इसमें सूचनाओं को पढ़ने एवं लिखने का कार्य यूज़र द्वारा होता है| 
 6. यह दो प्रकार के होते हैं स्टेटिक रैम और डायनामिक रैम| 
 

 

 ROM Memory (रोम मेमोरी) 
 1. यह रीड ओनली मेमोरी है| 
 2. इसमें यूज़र द्वारा सूचनाओं को केवल पढ़ा जा सकता है| 
 3. यह कंप्यूटर की नॉन वोलेटाइल मेमोरी है| 
 4. कंप्यूटर के बंद होने पर भी इस में संग्रहित सूचनाएं यथावत बनी रहती हैं| 
 5. इसमें सूचनाएं लिखने का कार्य कंप्यूटर निर्माता कंपनी के द्वारा होता है जैसे बायोस प्रोग्राम| 
 6. यह तीन प्रकार के होते हैं PROM, EPROM, EEPROM

Sunday, July 5, 2020

लैपटॉप की बैटरी लाइफ (Battery Life) कैसे बढ़ाये*

*लैपटॉप की बैटरी लाइफ (Battery Life) कैसे बढ़ाये* 
 
#1 Use Power Saver Mode Always! :- अगर आप अपने लैपटॉप की बैटरी लाइफ (Battery Life) को बढ़ाना चाहते हो तो ज्यादातर Power Saver Mode को ही use करे. ज्यादातर लोग इसकी जगह Balanced plan use करते है. जिसमे Dim Display, Turn Off Display timing भी काफी कम होता है. और जिसकी वजह से आपकी battery काफी use होती है.तो अगर आप चाहते हो की आपके लैपटॉप की बैटरी काफी टाइम तक चले, तो हो सके तो ज्यादातर Power Saver Mode को ही use करे.
 

 #2: Empty CD/DVD Drivers! :- बहुत से लोग हमेसा अपने लैपटॉप में CD/DVD को insert रखते हैं, जिससे आपके बैटरी बैकअप पर काफी असर पड़ता है. अपने लैपटॉप के CD/DVD Drive को हमेशा empty रखे. और जब कोई काम हो तभी उसमे CD/DVD को insert करें। क्युकी आपके लैपटॉप का CD/DVD Driver काफी battery use करता है.
 

 3: Don’t Use Screensaver! :- ज्यादातर लोग अपने Windows लैपटॉप में Screensaver को आज भी use करते हैं. 😖 क्या आप भी करते है? अगर आपको अपने लैपटॉप की बैटरी की जरा भी फ़िक्र है, तो उसको आज ही off कर दीजिये। screensaver off करने के लिए नीचे बताये गए steps को follow करे.सबसे पहले अपने desktop पर right click करके personalize में जाये।Click on Screensaver > Choose (NONE) click ok.
 

 #4: Update Software & Drivers! :- अपने Windows लैपटॉप के software or Drivers को हमेसा up to date रखे, इससे आपके लैपटॉप की battery life increase होने के साथ साथ आपके लैपटॉप की performance भी increase होगी।
 

 #5: Do Not Multi Tasking! :- Plug out के बाद ज्यादा multi tasking ना केरे। i mean अपने लैपटॉप को charger से disconnect करने के बाद एक बारे में ज्यादा applications & softwares को ओपन ना करे, इससे आपकी बैटरी जल्दी डाउन हो जाएगी। अगर हम एक साथ कई सारी applications खोल लेते है तो उसका असर भी लैपटॉप कि बैटरी पर पढ़ता है तो ध्यान रखीऐ  कि जब भी आप लैपटॉप में कोई applications खोले तो 1-2 से ज्यादा ना खोले 
 

Thursday, July 2, 2020

Pen Drive को Bootable बनाना!

Pen Drive को Bootable बनाना! 


आज के समय में हर किसी को कंप्यूटर मे विंडो डालना आता है बस बूटेबल सीडी लगाओ ओर विंडो डाल लो लेकिन जब बात किसी ऐसे सिस्टम मे विंडो डालने की आती है जिसमे डीवीडी रोम खराब होता है या उनमे डीवीडी ड्राइव होती ही नही तो ऐसे हलात मे हर कोई विंडो नही डाल पाएगा क्योकि ऐसे सिस्टम मे विंडो पैन ड्राइव से डाली जाती है ओर जहां तक मेरा खयाल है काफी लोगो को पैन ड्राइव से विंडो डालने की जानकारी नही होगी



आज मै आपको बताउगा कि पेन ड्राइव से विंडो डालने कि पुरी जानकारी लेकर आया हु क्योकि आजकल बाजार मे बहुत से ऐसे नेटटॉप आ रहे है जिसमे डीवीडी ड्राइव नही होती उसमे बस आप पैन ड्राइव की साहयता से ही उसमे विंडो डाल सकते है।
अब मै आपको बताता हु कि कैसे आप पैन ड्राइव की साहयता से विंडो डाल सकते है। पैन ड्राइव से विंडो डालने के लिए सबसे पहले आप अपनी पैन डाइव को बूटेबल बनाऐंगे। पैन ड्राइव को बूटेबल बनाने के लिए सबसे पहले आप अपनी पेन ड्राइव को सीपीयू में लगा दे और उसके बाद विंडो XP की बूटेबल सीडी डीवीडी ड्राइव में डाल दे इसके बाद आपको यहां क्लिक करके एक टूल डाउनलोड करना होंगा ये एक जिप फाइल है डाउनलोड करने के बाद इस फाइल को अनजिप करें ओर इसके अन्दर दी Win To Flash फाइल को डबल क्लिक करके खोले



फाइल खोलने के बाद आपकी स्क्रीन पर एक वेलकॉम का मेसेज आएगा जैसा आप चित्र में देख रहे है



इसके बाद फोटो के अनुसार लिस्ट पर क्लीक करके विंडो XP का ओपशंस चुन ले और नेक्स्ट पर क्लीक कर दे फिर आगे आपको पेन ड्राइव का पाथ और और डीवीडी ड्राइव का पाथ देना है जिस ड्राइव में आपकी पेन ड्राइव लगी है और जिस ड्राइव में आपने विंडो XP की सीडी डाली हुई है उसका पाथ देना है पाथ देने के बाद रन पर क्लीक करदे



इसके बाद फोटो के अनुसार License and agreement पर क्लीक कर के Continue पर क्लीक कर दे




फिर फोर्मेट ड्राइव के उस मेसेज पर ओके कर दे




ओके करते ही विंडो की फाइल पेन ड्राइव में कॉपी होना शुरू हो जाएगी


सारा काम फिनिस होने के बाद आपकी पेन ड्राइव विंडो डालने के लिए बिलकुल तेयार है आप पेन ड्राइव से किसी भी सिस्टम में विंडो डाल सकते है लेकिन ध्यान रहे जिस सिस्टम में  पेन ड्राइव से विंडो डालने जा रहे है उसमे बूटेबल वाले ओपशंस में पेन ड्राइव का ओपशंस होना चाहिए वेसे आजकल हर सिस्टम में ऐसा ओपशंस होता है जो मैंने आपको ऊपर टूल दिया है उसकी सहयता से आप किसी भी विंडो की बूटेबल पेन ड्राइव आराम से बना सकते हो

Wednesday, July 1, 2020

कम्प्यूटर Extra Knowledge

(1.) आपने अपने कंप्यूटर के डेक्सटॉप पर हर एक सोफ्टवेयर वगैरा के आयकन के साथ शोर्टकट एरो भी देखे होंगे। जिन्हें आप चित्र में भी देख सकते हैं। इन्हें हटाना भी आसान है ,लेकिन ज्यादातर लोगों को इसका ज्ञान नही होता। आइये मै आपको इसका तरीका भी बता देता हूँ। 
 
1. नीचे दिए गए तरीके से स्टार्ट रेजिस्ट्री  एडिटर

start >> run >> type "regedit">> press enter

2. निचे दी हुयी रेजिस्ट्री लाइन खोलिए 
 
HKEY_CLASSES_ROOT -> lnkfile
 
अगर आप ऊपर दी हुयी लाइन ढूढ़कर उसकी फ़ाइल  डिलीट कर दे और सिस्टम रीस्टार्ट करदे काम हो गया

(2). विंडोज स्टार्टअप के दौरान स्वयं का मैसेज दिखाएँ
 विंडोज स्टार्टअप के दौरान स्वयं का मैसेज निम्न स्थितियों में सहायक होगा-

1 . अपनी अनुपस्थिति में दोस्त द्वारा सिस्टम  को यूज करने पर स्टार्टअप के दौरान कुछ विशेष मैसेज या चेतावनी देना चाहते हों।
2 . विंडोज स्टार्टअप के दौरान विशेष मैसेज (Quatation) प्रदर्शित करना चाहते हों।

विंडोज स्टार्टअप के दौरान स्वयं का मैसेज इस प्रकार दिखा सकते हैं-
    सबसे पहले स्टार्ट मेनू में जाकर 'Run' कमांड खोलें।
    इसके बाद यहाँ 'REGEDIT' टाइप करें और 'ENTER' दबाएँ।
    इसके बाद रजिस्ट्री एडिटर के इस पाथ पर जाऐ- HKEY_LOCAL_MACHINE\SOFTWARE\Microsoft\Windows\CurrentVersion\policies\system , यहाँ आपको दो स्ट्रिंग वैल्यू मिलेंगी - legalnotice caption तथा legalnoticetext . पहले  'legalnoticec 
aption' पर डबल क्लिक करें तथा यहाँ 'Value Data' के अन्दर 'Info' लिखें, इसके बाद 'legalnoticetext' पर डबल क्लिक करें तथा यहाँ 'Value Data' के अन्दर अपना पूरा मेसेज लिखें।
इसके बाद अपने कंप्यूटर को रिस्टार्ट करें और स्टार्टअप के दौरान अपना मैसेज देखें।

Friday, June 26, 2020

आधार कार्ड में मोबाइल नंबर को अपडेट करने का तरीका क्या है

आधार कार्ड में मोबाइल नंबर को अपडेट करने का तरीका 
यदि आप भी घर बैठे अपने आधार कार्ड में अपना मोबाइल नंबर बदलना चाहते हैं तो भूल जाइए, क्योंकि ऐसा संभव नहीं है। आप खुद से आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं कर सकते। आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट सिर्फ आधार सेंटर से ही होगी। तो अब सवाल यह है कि अपने घर के पास आधार सेंटर की जानकारी कैसे मिलेगी। आइए जानते हैं.... 
 आप अपने मोबाइल से ही घर बैठे पता लगा सकते हैं कि आपके आसपास आधार सेंटर कहां है तो सबसे पहले अपने फोन के ब्राउजर में https://uidai.gov.in/ पर जाएं। इसके बाद आपको बायीं ओर Update Aadhaar का विकल्प मिलेगा। इस सेक्शन में Update Aadhaar at Enrolment/Update Center के विकल्प पर आपको क्लिक करना है। इसके बाद आपके सामने एक विंडो खुलेगी जिसमें आधार सेंटर सर्च करने के लिए state, postal pin code और search box के विकल्प मिलेंगे। इसके बाद आप अपनी सुविधानुसार विकल्प का चयन करके आधार सेंटर पर जा सकते हैं। 
 वहां जाने के बाद आपके आधार का ऑथेंटिकेशन होगा और आपसे आधार कार्ड में मोबाइल नंबर बदलने का आवेदन ले लिया जाएगा। 
 आवेदन के कुछ दिन बाद आपके आधार में नया मोबाइल नंबर अपडेट हो जाएगा। आप https://resident.uidai.gov.in/check-aadhaar-status पर जाकर भी अपडेट का स्टेटस चेक कर सकते हैं। 

Monday, June 22, 2020

एम.एस.वर्ड/ मेनू बार कि जानकारी

एम.एस.वर्ड को हम तीन तरीके से ओपन कर सकते है।

(1) Start->All Program->एम.एस.वर्ड पर माउस का लेफ्ट बटन क्लिक कर
(2) Start ->Run …पर क्लिक करने पर एक डायलॉग बॉक्स ओपन होता है। उस बॉक्स में winword type कर ok बटन पर क्लिक करे
(3) Desktop window पर मौजूद एम.एस.वर्ड के शॉर्टकट आइकॉन पर क्लिक करे|

एम.एस. वर्ड की विंडो खुलने पर नीचे दिए हुए चित्र की भाति दिखाई देती है ।



टाइटल बार (टाइटल बार):- इस विन्डो में सबसे ऊपर टाइटल बार होता है। जिसमें एप्लीकेशन का Logo, डॉक्यूमेंट का नाम, एप्लीकेशन का नाम और तीन कंट्रोल बटन दिखायी देते है।

de Menu Bar (मेनूबार):- इस विन्डो में टाइटल बार के नीचे मेनू बार दिखायी देता है। मेनू के अन्दर ऑप्शन पाये जाते है। ऑप्शन का प्रयोग कर कम्प्युटर को दिशा निर्देश दिया जाता है। ऑप्शन (कमांड्स) को उनके कार्य व्यवहार के अनुसार श्रेणीबद्ध कर दिया जाता है। जिन्हे मेनू कहते है

Standard Tool Bar :- यह टूल बार मेनू बार के नीचे होता है इसमें कमांड्स आइकॉन के रूप में दिखायी देती है जिनको यूजर देख कर अपने अनुसार प्रयोग कर सकता है।

जैसे कि New, Open, Save, Save as etc.

Formatting Tool Bar (फारमैेटिग टुल बार):- यह बार सामान्यतः स्टैण्डर्ड टूल बार के नीचे होता है। इसमें डॉक्यूमेंट को फॉर्मेटिंग से सम्बन्धित कमांड्स आइकॉन के रूप में दी होती हैं जिनको उपयोग कर डॉक्यूमेंट का दिखावट बदल सकते है।

Ruler Bar (रूलर बार):- यह बार फॉर्मेटिंग बार से नीचे होता है। इसका प्रयोग टैब सेटिंग तथा टेक्स्ट इंडेंटेशन के लिए प्रयोग करते है।

Status Bar (स्टेटस बार):- यह बार विन्डो के सबसे नीचे स्थिति होता है। यह डॉक्यूमेंट की वर्तमान स्थितिco को बताता है।
Spelling And Grammer(स्पेलिंग एण्ड ग्रामर):- यह एक बहुत ही उपयोगी ऑप्शन है, इस ऑप्शन के माध्यम से वर्ड डॉक्यूमेंट के अंदर लिखे हुए सभी शब्दों तथा वाक्यों की स्पेलिंग एवं ग्रामर सम्बंधित गलतियों का पता अपने आप लग जाता है, जिनको हम स्वयम सही कर सकते है अथवा वर्ड उन्हें अपने आप सही करने का ऑप्शन भी देता है

Word Cound(वर्ड काउन्ट):- इस ऑप्शन के माध्यम से डॉक्यूमेंट से जुड़े हुए सभी आँकड़े पता कर सकते है, जैसे की कितने अनुच्छेद, पंक्तियां, शब्द, अक्षर इत्यादि डॉक्यूमेंट में उपयोग में हुए है ।



Autocorrect(आटो करेक्ट):- जैसा की नाम से ही स्पष्ट है की इस ऑप्शन के माध्यम से गलत स्पेलिंग तथा ग्रामर सम्बंधित गलतियां अपने आप सही हो जाती है । शब्द और उनके सही फॉर्मेट पहले से सेट होते है जैसे ही आप उन्हें लिखना शुरू करते है, एम.एस.वर्ड सम्बंधित सही स्पेलिंग्स सुझाने लग जाता है तथा एंटर बटन प्रेस करके या स्पेस बार प्रेस करके वह शब्द अपने आप सही हो जाता है। ऑटो करेक्ट का डायलॉग बॉक्स नीचे दिखाया गया है -

Font-फॉन्ट के माध्यम से हम टेक्स्ट को भिन्न-भिन्न स्टाइल व तरीकों से लिख सकते है। इसका उपयोग डॉक्यूमेंट को सुन्दर बनाने, कुछ शब्दों पर फोकस डालने, तथा आवश्यकतानुसार किया जाता है । फॉन्ट डायलॉग बॉक्स के माध्यम से फॉन्ट नाम, स्टाइल, साइज इत्यादि बदल सकते है ।



Paragraph- पैराग्राफ के माध्यम से पैराग्राफ (अनुच्छेद) की फॉर्मेटिंग कर सकते है। Format मेनू में Paragraph ऑप्शन पर क्लिक करने पर पैराग्राफ डायलॉग बॉक्स खुलता है जिससे पैराग्राफ की फॉर्मेटिंग की जाती है



Columns:-
डॉक्यूमेंट बनते समय, टेक्स्ट को अलग अलग कॉलम में आवश्यकतानुसार लिखना पड़ सकता है, जैसा की न्यूज़पेपर, मैगज़ीन, पेम्पलेट इत्यादि में लिखा होता है । सर्वप्रथम टेक्स्ट लिखे तथा उसके पश्चात Format मेनू में Column ऑप्शन को सेलेक्ट करे, इससे एक डायलॉग बॉक्स खुलेगा जहाँ से आप कॉलम की संख्या निर्धारित कर सकते है। यह डायलॉग बॉक्स कुछ इस प्रकार का दिखाई देता है -



Change Case(चेन्ज केस):- इससे टेक्स्ट का केस बदल सकते है । इस ऑप्शन का चुनाव करने पर एक डायलॉग बॉक्स खुलता है जो नीचे प्रदर्शित किया गया है



Background(बैंक ग्राउन्ड ):- इस ऑप्शन का उपयोग कर आप डॉक्यूमेंट का बैकग्राउंड (पृष्टभूमि) बदल सकते है । इसके माध्यम से आप बैकग्राउंड में कोई भी रंग, बनावट, चित्र, फोटो इत्यादि डाल सकते है और डॉक्यूमेंट को और भी अधिक सुन्दर बना सकते है ।



Tabs: – वर्ड डॉक्यूमेंट में टैब ऑप्शन का उपयोग रिलेटिव मार्जिन सेट करने तथा एलाइनमेंट सेट करने के लिए होता है । साधारणता टैब ऑप्शन से लेफ्ट एलाइनमेंट में 0.5 इंच मार्जिन सेट होता है, इसे आप मैन्युअली चेंज कर सकते है ।

Text Direction(टेक्स्ट डायरेक्शन):- वर्ड डॉक्यूमेंट में Insert मेनू के माध्यम से जो टेक्स्ट बॉक्स इन्सर्ट किया जाता है उसके टेक्स्ट की दिशा बदलने के लिए इस ऑप्शन का उपयोग करते है

Sunday, June 21, 2020

Lenovo Ideapad Slim 3i Laptop

दोस्तों आज हम बात कर रहे है Lenovo  के अल्ट्रा स्लिम लैपटॉप के बारे में Lenovo Ideapad Slim 3i को लॉन्च किया है। इसे 26,990 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। यह लैपटॉप दो कलर ऑप्शन्स में उपलब्ध है प्लेटिनम ग्रे और अबेस ब्लू में लॉन्च किए गया हैं। Lenovo कम्पनी के लेपटॉप कि सेल आज कल  बहुत तेजी से हो रही है इन लैपटॉप को आप ई-कॉमर्स वेबसाइट Amazon.in और Lenovo के आधिकारिक ई-स्टोर से भा खरीद सकते  हो । Lenovo Ideapad Slim 3i को पहले सिंगापुर में लॉन्च किया गया था। यह लैपटॉप दो स्क्रीन साइजेज- 14 इंच और 15 इंच में आता है। इस लैपटॉप की खास बात यह है कि यह intel Core 10th Gen प्रोसेसर के साथ आता है।



Lenovo Ideapad Slim 3i के टेक्नीकल स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो ये Wi-Fi 6 जैसे लेटेस्ट कनेक्टिविटी फीचर के साथ आता है। इसमें दो USB 3.1 पोर्टस दिए गए हैं, जिसकी मदद से तेजी से डाटा ट्रांसफर किया जा सकता है। साथ ही इसमें एक HDMI पोर्ट, एक USB 2.0 पोर्ट, एक SD कार्ड रीडर स्लॉट और 3.5mm ऑडियो जैक (हेडफोन और माइक कॉम्बो) दिए गए हैं।

यह लेपटॉप बहुत ही प्रतिभाशाली है इस लेपटॉप को गेमिंग लेपटॉप कि रुप मे भी देखा जा सकता है बात करे  Lenovo Ideapad Slim 3i Laptop की तो यह लेपटॉप बहुत ही अच्छे डिजाइन के साथ आया है यह एक बहुत ही बेहतरीन लेपटॉप है

Ideapad Slim 3i में कोरोटाना सपोर्ट दिया गया है, जिसकी वजह से यूजर्स को इसे इस्तेमाल करने में आसानी होगी। ये Q कंट्रोल टेक्नोलॉजी के साथ आता है, जो इसे मैक्स मोड और स्टील्थ मोड में स्वीच कर सकता है। यह डॉल्वी ऑडियो सिस्टम को भी सपोर्ट करता है। लैपटॉप का वजन महज 1.6 किलोग्राम है और ये लेपटॉप बेहद ही पतले डिजाइन के साथ आया है। इसमें 7.5 घंटे का बैटरी बैक-अप दिया गया है। यह लैपटॉप 12GB तक DDR4 RAM को सपोर्ट कर सकता है।  जितनी ज्यादा रेम होगी उतना हीं फास्ट ये लेपटॉप काम करेगा ये 1TB तक के ड्यूल स्टोरेज हार्ड डिस्क ड्राइव को भी सपोर्ट कर सकता है। इसके हाई एंड वेरिएंट की कीमत भी किसी मिड रेंज के स्मार्टफोन से कम है। इसके हाई एंड वेरिएंट की कीमत 40,990 रुपये है

आपको इस लेपटॉप मे क्या अच्छा लगा और क्या नही मुझे कमेंट में बताइये

Saturday, June 20, 2020

लॉजिटेक G 903 माउस

सबसे अच्छा बाएं हाथ के माउस की तलाश करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि 2020 में भी, कई माउस निर्माता दक्षिण-पंजे की उपेक्षा करते हैं और दाएं हाथ के चूहों के भार का मंथन करते हैं, और शायद ही कोई वामपंथियों के लिए।

यह अविश्वसनीय रूप से निराशाजनक हो सकता है, क्योंकि विनम्र माउस हमारे कंप्यूटरों के साथ बातचीत करते समय हमारे द्वारा उपयोग किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण बाह्य उपकरणों में से एक है। क्रिएटिव के लिए, यह एक माउस खोजने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो उपयोग करने के लिए आरामदायक है, और बाएं हाथ के लोगों के लिए, यह कभी-कभी संघर्ष हो सकता है।

यह वह जगह है जहाँ सबसे अच्छा बाएं हाथ के चूहों के लिए हमारा मार्गदर्शक मदद कर सकता है। हमने बाएं हाथ के उपयोगकर्ताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ चूहों को एकत्र किया है, और उन्हें यहीं सूचीबद्ध किया है, ताकि आप आसानी से अपनी आवश्यकताओं के लिए सबसे अच्छा पा सकें।

ये सभी चूहे सिर्फ वामपंथियों के लिए नहीं बनाए गए हैं। उनमें से कई डिजाइन में अस्पष्ट हैं, इसलिए उन्हें आराम से किसी भी हाथ में इस्तेमाल किया जा सकता है, और आप अभी भी हर बटन तक पहुंचने में सक्षम होंगे। आप देखेंगे कि इस पृष्ठ पर कुछ चूहों में बहुत सारे अतिरिक्त बटन हैं। ये आपके वर्कफ़्लो को गति देने में मदद करने के लिए कॉन्फ़िगर किए जा सकते हैं, और आपको और अधिक उत्पादक बनाने में मदद करते हैं। बेशक, हमारे पास बाएं हाथ के चूहे भी हैं जो सादगी का पक्ष लेते हैं, और इसलिए अभी भी उस कोशिश की और दो-बटन डिजाइन का परीक्षण किया हैं

अधिक महत्वाकांक्षी विकल्पों के लिए, 2020 में सबसे अच्छा माउस के लिए हमारे मुख्य खरीद गाइड पर एक नज़र डालें।

बाएं हाथ का माउस: अब उपलब्ध सबसे अच्छा विकल्प



01. लॉजिटेक जी 903

सबसे अच्छा ऑल-राउंड बाएं हाथ का माउस

Logitech G903 एक वायरलेस गेमिंग माउस है जो यह सब करता है। 11 प्रोग्रामेबल बटन और 12,000 डीपीआई तक सटीकता के लिए धन्यवाद, यह बाएं हाथ का माउस अधिक से अधिक उपयोग कर सकता है। यांत्रिक बटन तनाव (जो आपको बटन क्लिक के माध्यम से भौतिक प्रतिक्रिया देता है) आपको इसे बिल्कुल वैयक्तिकृत करने की सुविधा देता है। इससे भी अधिक उपयोगी वे पांच प्रोफ़ाइल हैं जिन्हें आप अपने बीच स्विच कर सकते हैं - संवेदनशीलता और बटन का उपयोग करके सेटिंग्स को समायोजित करें ताकि आप डिजाइनिंग, ब्राउज़िंग और गेमिंग उपयोगों के बीच आशा कर सकें। पावरप्ले चटाई का उपयोग कर वायरलेस चार्जिंग एक और शानदार विशेषता है जो 32-घंटे की बैटरी जीवन को एक चिंता का विषय बनाती है। आप बिना किसी चिंता के 24 घंटे के उपयोग के लिए बैटरी को कम कर सकते हैं, प्रकाश व्यवस्था को छोड़ सकते हैं।

Friday, June 19, 2020

MI NOTEBOOK 14 LAPTOP

Hello friends, today I am going to tell you about the MI NOTEBOOK 14 laptop manufactured by MI company, which is launched today, I will tell you how this laptop is, what are the things in this laptop that makes this MI NOTEBOOK 14 laptop impressive. Let's have friends know about the MI NOTEBOOK 14 laptop

First of all, let me tell you that the MI company has designed two laptops with separate processors, one of which is designed with a laptop I5 processor and the same with the other and I7 processor. Let's talk first MI NOTEBOOK 14 laptop with I5 processor That



MI NOTEBOOK 14 WITH I5 Processor





1. MI NOTEBOOK 14 laptop is the first thing to talk about its processor which is currently running 10th Generation Intel Core's I5 processor which is very full of power and with a speed of 4.2 GHz, it is a multi core processor now. Let's talk about its graphic which is a 2GB GDDR5 NVIDIA MX250 graphic which is good for gaming and for normal use for editing.

Now let's talk about its storage 512GB SATA SSD which is less compared to other laptops.

Now let's go to its RAM which is 8GB DDR4 RAM which is fine, now let's talk about its display which is Full HD Anti-glare Display 35.56cm (14) and its SOUND is Stereo Speakers + DTS There is audio processing and now let's talk about its weight which is 1.5kg Light & Sleek and now the company has kept this laptop price is RS.41,999



MI NOTEBOOK 14 WITH I7 Processor







2. Now let's talk about this company's MI NOTEBOOK 14 laptop with I7 processor, this laptop's processor is also 10th generation Intel® Core ™ i7-10510U Processor

1.8GHz quad-core with boost clock (up to 4.9GHz) It can boost up to 4.9 GHz speed and NVIDIA® GeForce® MX350 when it comes to graphics.

Video Memory Size - 2GB GDDR5 VRAM

It also has the same HIGHT QUILTY software, and its DISPLAY is 35.56cm (14) Full HD (1920 x 1080) Anti-glare 16: 9

Horizon display

91% screen-to-body ratio

178 ° Wide-viewing Angle Now let's talk about its RAM which is 8GB 2666MHz DDR4 RAM Now let's talk about its STORGE which is 512GB PCI Express Gen 3 NVMe SSD

3000 MB / s Sequential Read, 1800 MB / s Sequential Write Speed



512GB SATA 3 SSD

600 MB / s Speed ​​is

Its SOUND 2x2W Stereo Speakers

DTS Audio Processing App Support

3.5mm headphone jack and both of these laptops have BETTRY BACKUP 10 HOURS and the PRICE that the company has kept is RS.54,999

Both of these laptops are of metal body and both these laptops have a battery backup of 10 hours.

 Which of these two laptops did you like, please tell us in the COMMENT

come

Thursday, June 18, 2020

MI NOTEBOOK 14 LAPTOP

नमस्कार दोस्तों आज में आपको बताने जा रहा हूँ MI कम्पनी द्वारा निर्मित  MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप के बारे में जो आज लॉन्च हुआ है में आपको बताउँगा कि ये लेपटॉप कैसा है इस लेपटॉप में क्या क्या चीजें ऐसी है जो इस MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप को प्रभावशाली बनाती है तो आइये दोस्तों जानते है MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप के बारे में 
पहले तो में आपको बता दु कि MI  कम्पनी ने दो लेपटॉप अलग-अगल प्रोसेसर के साथ निकाले है जिसमें से एक लेपटॉप I5 प्रोसेसर के साथ और वही दुसरी और I7 प्रोसेसर के साथ डिजाइन किया है पहले बात करते हैं I5 प्रोसेसर वाले MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप कि 

MI NOTEBOOK 14 WITH I5 प्रोसेसर

1. MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप सबसे पहले बात करते हैं इसके प्रोसेसर कि जो कि अभी चल रही है 10th Generation Intel Core का I5 प्रोसेसर है जो कि बहुत पावर फुल है और 4.2 GHz कि स्पीड से का करता है यह एक मल्टी कोर प्रोसेसर है अब बात करते हैं इसके ग्राफिक के जो कि 2GB GDDR5 NVIDIA MX250 का ग्राफिक है जो कि गेमिंग के लिये  और ऐडीटीग के लिए नोर्मल युज के लिये अच्छा है 
अब बात करते हैं इसकी स्टोरेज कि 512GB  SATA SSD है जो कि और लेपटॉपओ कि तुलना में कम है
अब चलते हैं इसकी RAM पर जो कि हैं 8GB DDR4 RAM जो कि ठिक-ठाक है अब बात करते हैं इसकी डिसप्ले कि जो कि है Full HD Anti-glare Display 35.56cm (14) है और इसका जो SOUND है वो Stereo Speakers + DTS Audio Processing है और अब बात करे है इसके वजन कि जो है 1.5kg Light & Sleek और अब कम्पनी ने इस लेपटॉप कीमत रखी है वो है  RS.41,999 

MI NOTEBOOK 14 WITH I7 प्रोसेसर


2. अब बात करते हैं इसी कम्पनी के MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप कि जो I7 प्रोसेसर के साथ है इस लेपटॉप का प्रोसेसर भी 10th generation का है Intel® Core™ i7-10510U Processor
1.8GHz quad-core with boost clock (up to 4.9GHz) ये 4.9 GHz कि स्पीड से बूस्ट हो सकता है और इसके ग्राफिक कि बात कि जाऐ तो वो है NVIDIA® GeForce® MX350
Video Memory Size - 2GB GDDR5 VRAM
इसमें भी वही है ज्यादा HIGHT QUILTY के सोफ्टवेयर नहीं चला सकते और जो इसका DISPLAY है वो 35.56cm(14) Full HD (1920 x 1080) Anti-glare 16:9
Horizon Display
91 % screen-to-body ratio
178° Wide-viewing Angle है  अब बात करते है इसकी RAM कि जो है 8GB 2666MHz DDR4 RAM कि अब बात करते है इसकी STORGE कि जो 512GB PCI Express Gen 3 NVMe SSD
3000 MB/s कि Sequential Read, 1800 MB/s Sequential Write Speed

512GB SATA 3 SSD
600 MB/s Speed कि है 
इसका SOUND 2x2W Stereo Speakers
DTS Audio Processing App Support
3.5mm headphone jack का है और इन दोनों लेपटॉप का BETTRY BACKUP 10 HOURS का है और इसका  PRICE जो कम्पनी ने रखा है वो RS.54,999 है
ये दोनों ही लेपटॉप मेटल बॉडी के है और इन दोनों लेपटॉप का बेटरी बेकप 10 Hours  है 
 आपको इन दोनों लेपटॉप मे से कौन-सा अच्छा लगा कृपया COMMENT में बताइये

Wednesday, June 17, 2020

क्लाउड कंप्यूटिंग क्या हैं

क्लाउड कंप्यूटिंग क्या हैं
नेटवर्किंग क्लाउड कंप्यूटिंग क्या हैं?
(What is Cloud Computing?)
आज के समय में कंप्यूटर और मोबाइल उपयोगकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है| जिस कारण डाटा स्टोरेज को सभी क्षेत्रों में प्राथमिकता दी जा रही है| सभी प्रकार के व्यापर चाहे वे छोटे हों या बड़े पैसा खर्च करती हैं| आसान गणना के कारण क्लाउड कंप्यूटिंग में डाटा को अधिक कुशल तरीके से सुरक्षित रखा जा सकता है| जिस कारण बड़े बड़े व्यापार भी क्लाउड कंप्यूटिंग की तरफ आकर्षित हो रहे हैं|  अलावा इसमें IT सपोर्ट और storage hub की भी जरुरत होती है| जिस कारण सभी प्रकार के business IT इंफ्रास्ट्रक्चर और सपोर्ट के लिए इतना पैसा खर्च करने हेतु सक्षम नहीं होते| इसके स्थान पर क्लाउड कंप्यूटिंग एक सस्ता और बहुत ही अच्छा विकल्प है|

क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए उपयोगकर्ता को बहुत ही कम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की जरुरत पड़ती है| इसके लिए यूजर को मात्र क्लाउड कंप्यूटिंग सिस्टम और इंटरफ़ेस सॉफ्टवेयर को प्रयोग करना आना चाहिए| 
ई-मेल सेवा का उपयोग करते समय हमारा डाटा क्लाउड सर्वर पर स्टोर होता है ना कि कंप्यूटर पर| क्लाउड सिस्टम में जो टेक्नोलॉजी और इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाता है वह हमें दिखाई नहीं देता क्योंकि इसे HTTP, XML, Ruby, PHP  और इसी प्रकार की अन्य टेक्नॉलॉजी का इस्तेमाल करके बनाया जाता है कि किसी वेब ब्राउज़र को चलाने जितना ही आसान होता है| बांकी का काम क्लाउड नेटवर्क स्वतः संचालित कर लेता है| हम सभी ने कभी न कभी क्लाउड कंप्यूटिंग का उपयोग किया ही है, कई सारी कंपनी जो क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस प्रदान कर रही है जैसे गूगल. फेसबुक. अमेज़न इत्यादि|
यूजर अपने कंप्यूटर लैपटॉप या मोबाइल से क्लाउड सिस्टम को काफी आसानी से कनेक्ट कर सकता है|

क्लाउड कंप्यूटिंग के लाभ (Benefits of Cloud Computing)
कम लागत होने के कारण ही बहुत सारी बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा का इस्तेमाल करती हैं इसके अलावा क्लाउड कंप्यूटिंग में यूजर अपनी आवश्यकतानुसार ही सर्विस का उपयोग करता है और उपयोग की गई सर्विसेज के लिए ही पैसे चुकाता है | Cloud Computing के निम्नलिखित फायदे हैं-

आईटी इन्फ्राट्रक्चर की कम लागत
कम कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की आवश्यकता
बेहतर परफॉर्मेंस
मेंटेनेंस की कम समस्याएं तथा न्यूनतम मेंटेनेंस लागत
सॉफ्टवेयर अपडेट में आसानी
क्लाउड कंप्यूटिंग सिस्टम और कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम के बीच अनुकूलता
बैकअप एंड रिकवरी
डाटा सुरक्षा में वृद्धि
क्लाउड के प्रकार (Types of Clouds)
क्लाउड सिस्टम के चार मॉडल होते हैं तथा यूजरअपने बिजनेस के आवश्यकतानुसार किसी भी मॉडल को सब्सक्राइब कर सकता है –


Private Cloud:

इसमें क्लाउड कंप्यूटिंग रिसोर्सेस का इस्तेमाल किसी विशेष बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन के लिए किया जाता है|

यह प्रणाली इंट्रा बिजनेस के लिए मुख्य रूप से उपयोगी होती है जिसमें कंप्यूटर रिसोर्सेज एक ही आर्गेनाईजेशन के अंतर्गत नियंत्रित और संचालित की जाती है |

Community Cloud:

इसमें कंप्यूटिंग रिसोर्सेज को कम्युनिटी और ऑर्गनाइजेशन को प्रोवाइड की जाती हैं |

Public Cloud:

पब्लिक क्लाउड का इस्तेमाल सामान्यता B2C (Business to Consumer) बिजनेस में किया जाता है | इसमें कंप्यूटर रिसोर्सेज को सरकार ,एकैडमी और बिजनेस संस्थानों द्वारा संचालित और नियंत्रित किया जाता है |

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Hybrid Cloud:

हाइब्रिड क्लाउड इस प्रकार के क्लाउड का उपयोग B2C तथा B2B दोनों प्रकार के बिजनेस में ही किया जाता है इस प्रकार की क्लाउड प्रणाली को “हाइब्रिड क्लाउड” कहा जाता है जिसमें कंप्यूटिंग रिसोर्सेज अलग अलग  क्लाउड से जुड़े होते हैं |

क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विसेज (Cloud Computing Services)
क्लाउड मुख्यतः तीन प्रकार की सेवाएं ऑफर करती है –

Software as a Service (SaaS)
Platform as a Service (PaaS)
Infrastructure as a Service (IaaS)
विभिन्न प्रकार के बिजनेस अपनी आवश्यकतानुसार इन सेवाओं का उपयोग करते हैं  |

SaaS (Software as a Service)

SaaS or software as a service क्लाउड कंप्यूटिंग का “सॉफ्टवेयर सर्विस डिस्ट्रीब्यूशन” मॉडल है जिसमें सर्विस प्रोवाइडर या वेंडर द्वारा एप्लीकेशंस को host किया जाता है और इसे इंटरनेट पर कस्टमर्स के लिए उपलब्ध कराया जाता है SaaS आज के समय में काफी प्रचलित सर्विस डिलीवरी मॉडल बनता जा रहा है जो कि Service Oriented Architecture (SOA) or Web Services को सपोर्ट करता है | इंटरनेट के माध्यम से ही इस सेवा को पूरी दुनिया में कस्टमर के लिए उपलब्ध कराया जाता है |


अगर बात करें डाटा स्टोरेज के पुराने तरीके की जिसमें यूजर को डाटा स्टोर करने के लिए सॉफ्टवेयर को खरीदना पड़ता था फिर उसे अपने कंप्यूटर पर इंस्टॉल करना होता था इसके स्थान पर इस नए मॉडल में यूजर आसानी से मासिक आधार पर क्लाउड सर्विस को सब्सक्राइब करके इस सेवा का लाभ ले सकता है इसके अलावा SaaS सर्विस का उपयोग यूजर्स लगभग सभी इंटरनेट इनेबल डिवाइस पर आसानी से कर सकते हैं |

PaaS (Platform as a Service)

यह डेवलपर्स को ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान करता है जहां वे एप्लीकेशन को बिल्ड कर सकते हैं या बना सकते हैं इस सर्विस को क्लाउड में  ही होस्ट (host) किया जा सकता है और इंटरनेट द्वारा यूजर कहीं से भी इसको एक्सेस कर सकता है |

उदाहरण के लिए जिस प्रकार टीचर द्वारा बच्चों को ड्राइंग के लिए पेंट कलर, पेपर ,ब्रश इत्यादि उपलब्ध कराए जाते हैं छात्रों को बस पेंटिंग करनी होती है उसी प्रकार PaaS में यूजर को विभिन्न टूल्स के साथ एक प्लेटफॉर्म प्रदान किया जाता है जहां वह एप्लीकेशन को डेवलप कर सकते हैं | यहां यूजर्स के लिए समय-समय पर न्यू फीचर्स अपडेट किए जाते हैं | यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान करता है जो एप्लीकेशन डेवलपमेंट को सपोर्ट करता है इस कारण सॉफ्टवेयर डेवलपर ,वेब डेवलपर तथा अन्य बिजनेस के लिए यह काफी फायदेमंद है इसके अलावा

Tuesday, June 16, 2020

इंटरनेट की स्पीड चेक कैसे करे

इंटरनेट की स्पीड 




इंटरनेट की स्पीड को टेस्ट करने का आसान तरीका 
इस तरह इंटरनेट की स्पीड टेस्ट करें
भारत में इन्टरनेट युजर्स को काफी स्लो इन्टरनेट स्पीड का सामना करना पड़ता है जिससे उनका काम सही ड़ग से नही हो पाता 
लैपटॉप हो या स्मार्टफोन सब  इंटरनेट के बिना फीके है. इंटरनेट है तो आप दुनिया भर कि बहुत कुछ चीजें  डाउनलोड कर सकते हैं. ऑनलाइन फिल्में देख सकते हैं या सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर सकते हैं. हालांकि यह बताने की जरुरत नहीं कि यूजर्स इंटरनेट से क्या कर सकते हैं. युजर्स इन्टरनेट से बहुत कुछ कर सकता है
आज में आपको इन्टरनेट की स्पीड चेक करने का एक असान तरीका आपको बताने जा रहा हूँ जिस से आप लेपटॉप या मोबाइल कि स्पीड असानी से चेक कर सकते हो 
आज के समय में इंटरनेट का इतना ज्यादा उपयोग होता है ना शायद ही पहले हुआ हो और आने वाले समय में इंटरनेट का यूज काफी तेजी से बढेगा
आज के समय में भारत में फोर जी नेटवर्क का उपयोग हो रहा है



भारत में इंटरनेट का स्लो होना सबसे बड़ी समस्या है. चाहे मोबाइल, इंटरनेट या ब्रॉडबैंड यूजर्स इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि इंटरनेट की स्पीड क्या है. कई बार कंपनियां दावा तो ज्यादा स्पीड का करती हैं लेकिन जब एक वीडियो देखना चाहें तो आराम से देख भी नहीं सकते. जब आप टेलीकॉम या इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को कॉल करेंगे तो उधर से बताया जाएगा कि उन्होंने जितने स्पीड का दावा किया था वही मिल रही है.

हम आपको इंटरनेट स्पीड टेस्ट करने का सबसे आसान तरीका बताते हैं. इसके जरिए आप यह पता लगा सकते हैं कि कंपनी ने जितने स्पीड का कमिटमेंट किया है उतना दे रही है या नहीं. आप इसके जरिए कंपनियों को स्पीड कम देने का चैलेंज भी कर सकते हैं.

  • fast.com : यह शायद दुनिया का सबसे आसान इन्टरनेट स्पीड टेस्ट मोनिटर वेबसाइट है. हाल ही में वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनी नेटफ्लिक्स ने इसे ग्लोबल लॉन्च किया है. आपको इंटरनेट ब्राउजर में www.fast.co लिखना है. वेबसाइट ओपन होते ही स्पीड टेस्ट शुरू हो जाएगा आपको किसी खास ऑप्शन पर क्लिक करने की  जरूरत नहीं होगी.

इस वेबसाइट का यूजर इंटरफेस काफी आसान है. चंद सेकेंड्स में आपको इन्टरनेट स्पीड बता दी जाती है  यहां आपको एक ऑप्शन मिलेगा जिसके जरिए इन्टरनेट स्पीड को Speetest.net की स्पीड से कंपेयर भी कर सकते हैं. इसकी खासियत यह है कि इसमें आपको विज्ञापन कही भी नजर नही आऐगे

  • Speedtest.net : यह वेबसाइट दुनिया की चंद मशहूर इंटरनेट स्पीड टेस्ट वेबसाइट्स में से एक है. इसका यूजर इंटरफेस काफी दिलचस्प और बढीया है. इसमें इंटरनेट की डाउनलोडिंग और अपलोडिंग स्पीड के साथ पिंग भी पता चलता है.

Monday, June 15, 2020

एम.एस.वर्ड और उसकी विशेषताएं

एम.एस.वर्ड
माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सिस्टम को इनस्टॉल तथा एक्टिव करने के पश्चात जब आप पहली बार एम.एस.वर्ड चलाते है तो वर्ड कुछ बेसिक सेटिंग्स आपसे पूछता है और आपके अनुसार सेट कर देता है । वर्ड में सभी निर्देश तथा जानकारी यूजर इंटरफ़ेस के माध्यम से दी गई होती है । अधिकाँश निर्देश वर्ड में मुख्य रिबन पर दिए होते है जो वर्ड में ऊपर की तरफ विस्तृत क्षेत्र होता है । रिब्बन में सभी मुख्य कमांड्स आइकॉन की मदद से दिए होते है ताकि सिर्फ एक क्लिक करके आप उनका किसी भी समय उपयोग कर सकते है ।

माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के सभी सॉफ्टवेयर में यह रिब्बन होता है तथा इस रिब्बन के तीन मुख्य भाग है
1. Tab (टैब) - टैब के अंदर साथ मुख्य ऑप्शन है, इनमे से प्रत्येक एक महत्वपूर्ण कार्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है| इनके माध्यम से वर्ड में हर चीज़ कंट्रोल की जा सकती है ।
2. ग्रुप - यह सम्बंधित आइटम्स को एक साथ ग्रुप में दिखाता है ।
3. कमेंट - इसमें कोई भी टिपण्णी तथा जानकारी रखने के लिए मेनू होते है ।

टैब पर प्रत्येक वस्तु, उपयोगकर्ता की गतिविधियों के अनुसार सावधा‍नीपूर्वक चयन की गई है. उदाहरण के लिए, होम टैब पर आपके द्वारा अधिकांश उपयोग की जाने वाली सभी चीजें होती हैं, जैसे फ़ॉन्ट बदलने के लिए फ़ॉन्ट समूह में आदेश: जेसे कट, कॉपी, पेस्ट फॉर्मेट पेंटर, फ़ॉन्ट आकार, बोल्ड, इटैलिक, अन्डरलाइन इत्यादि|

जब हम वर्ड ओपन करते है तो हमे सब से पहले खाली स्क्रीन दिखाई देती है| यहाँ पर सबसे ऊपर बाएं कोने में एक गोल बटन नजर आता है जिसे ऑफिस बटन कहते हैं जिसका उपयोग आप एक नई फाइल बनाने में, मौजूदा फ़ाइल को खोलने, फ़ाइल को सेव के लिए, और कई अन्य कार्य करने के लिए कर सकते हैं |

ऑफिस बटन के पास में तीन बटन वाला एक छोटा सा बॉक्स जिसे क्विक एक्सेस बार कहते हैं, जिसका उपयोग आप अपनी फाइल को सुरक्षित करने के लिए, आपके द्वारा लिए गए कार्य को पूर्ववत करने (undo), और कार्य को वापस लेने के लिए (redo) होता है।
एम.एस.वर्ड : विशेषताऐ तथा उपयोग

एम.एस.वर्ड दुनिया में सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाला सॉफ्टवेयर है । आज दुनिया के हर कोने में लोग डॉक्यूमेंट बनाने के लिए वर्ड का ही उपयोग करते है क्योंकि एम.एस.वर्ड को उपयोग करना बहुत ही आसान तथा किफायती है । एम.एस.वर्ड को काफी आसन ट्रेनिंग से सीखा जा सकता है तथा हर कोई डॉक्यूमेंट एडिट तथा टाइपिंग का काम घर बैठे कर सकता है । एम.एस.वर्ड की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएं इस प्रकार है -

वेब सम्बन्धित विशेषताए :-

1. एम.एस.वर्ड के माध्यम से वेबसाइट से सम्बंधित फाइल बनाना बहुत ही सुगम तथा आसान हो गया है ।

2. डॉक्यूमेंट को HTML (हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लेंग्वेज) में सेव किया जा सकता है जिसे इंटरनेट ब्राउज़र में देखा जा सकता है । वेबसाइट का निर्माण इन्हीं html फाइल्स से किया जाता है ।

3. एम.एस.वर्ड में मौजूद वेब पेज विज़ार्ड के माध्यम से बड़ी ही आसानी से वेब पेज बनाया जा सकता है ।

4. वेब पेज प्रीव्यू के माध्यम से वेब पेज का प्रीव्यू किसी भी समय देखा जा सकता है की वह पेज वेब ब्राउज़र पर कैसा दिखेगा।

5. हाइपरलिंक इंटरफ़ेस की मदद से दूसरे डाक्यूमेंट्स अथवा पेज को किसी भी पेज में लिंक कर सकते है और इस लिंक पर क्लिक करके पर सम्बंधित पेज खुल जाता है । इस फीचर के उपयोग से सम्बंधित डाक्यूमेंट्स को साथ में बढ़ी सुगमता से रखा जा सकता है ।

6. एम.एस.वर्ड को बड़ी आसानी से इंटरनेट से कनेक्ट किया जा सकता है तथा किसी भी डॉक्यूमेंट को बड़ी ही सरलता से इ-मेल किया जा सकता है ।

आन्तरिक विशेषताए:-

1. भाषा से सम्बंधित सेटिंग्स - एम.एस.वर्ड में बिना किसी दूसरी प्रक्रिया को प्रभावित किये यूजर अपनी मनपसंद भाषा का चयन कर सकता है । वर्ड दुनिया की सभी महत्वपूर्ण भाषाओँ को सपोर्ट करता है । भारतीय भाषाओँ जैसे की हिंदी, संस्कृत, मराठी, गुजराती, पंजाबी, तेलगु, बंगाली, तमिल इत्यादि का आसानी से वर्ड में उपयोग किया जा सकता है तथा डॉक्यूमेंट बनाए जा सकते है ।

2. प्रूफिंग टूल्स का उपयोग कर यूजर अपनी पसंद की भाषा के लिए विशिष्ट सॉफ्टवेयर तथा प्लग-इन डाल सकता है और उस भाषा से सम्बंधित स्पेलिंग तथा व्याकरण जांचने के टूल्स भी डाल सकता है । इस प्रकार वर्ड दुनिया की हर भाषा में काम कर सकता है ।

3. असाइन लैंग्वेज के माध्यम से उसे अपनी मन पसंद भाषा का चुनाव कर सकता है जिसको कंप्यूटर का ऑपरेटिंग सिस्टम सपोर्ट करता है और फिर आसानी तथा सुगमता से काम कर सकता है ।

General Features (सामान्य विशेषताऐ)

1.ऑफिस असिस्टेंट - माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस में काम करते समय यदि कुछ भी सहायता चाहिए होती है तो ऑफिस असिस्टेंट काम आता है । इस मदद से एम.एस. वर्ड से सम्बंधित किसी भी टॉपिक तथा फीचर की जानकारी उसी समय प्राप्त की जा सकती है । वर्ड के हेल्प टूल्स में सभी फीचर की जानकारती मौजूद रहती है जिनका उपयोग यूजर किसी भी समय कर सकता है ।

2.ड्राइंग टूल्स - एम.एस.वर्ड 3 -डायमेंशन (3D) शेप बनाने के टूल्स भी प्रदान करता है जिनकी सहायता से सुन्दर चित्र बना कर डॉक्यूमेंट में डाले जा सकते है । समान्यता ये चित्र विभिन्न आकृतिया जैसे की आयत, वर्ग, गोला , त्रिभुज इत्यादि होती है ।

3.माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस की सबसे बड़ी विशेषता इसके शक्तिशाली एडिटिंग टूल्स तथा प्रूफिंग टूल्स है । माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के माध्यम से हर तरह का डॉक्यूमेंट एडिट किया जा सकता है तथा उसमे मनचाहे परिवर्तन किये जा सकते है । एम.एस.वर्ड में व्याकरण तथा स्पेलिंग सम्बन्धित गलतियों को सही करने के लिए बहुत ही शक्तिशाली टूल्स है जिससे यह अपने एप्प गलत शब्द तथा पंक्ति को हाईलाइट कर देता है । जहाँ भी गलती होती है वह भाग लाल लाइन के साथ आने लग जाता है तथा वर्ड खुद ही सही व्याकरण तथा स्पेलिंग का सुझाव दे देता है जिसे सिर्फ एक क्लिक करके सही किया जा सकता है ।

4.टेम्पलेट विज़ार्ड - एम.एस.वर्ड पहले से निर्धारित फॉरमेट में टेम्पलेट प्रदान करता है जिनके उपयोग से यूजर जल्द तथा आसानी से सूंदर तथा अंतर्राष्ट्रीय स्टैंडर्ड्स के डॉक्यूमेंट बन सकता है । विभिन्न टेम्पलेट फोर्मट्स वर्ड में पहले से ही दिए होते है तथा इंटरनेट के माध्यम से और भी नए नए तथा सुन्दर टेम्पलेट अपनी आवश्यकतानुसार उपयोग में लिए जा सकते है ।

 5.मेल मर्ज - इस टूल की मदद से यूजर कम समय में पर्सनलाइज्ड लेटर तथा डॉक्यूमेंट बना सकता है । इसमें मुख्य डॉक्यूमेंट के साथ मर्ज कर कर कॉरेस्पोंडेंस लेटर्स तैयार कर सकते है । उदहारण के लिए, किसी लेटर में हर यूजर का नाम, फ़ोन नंबर तथा पता डालना है और बाकि का टेक्स्ट एक जैसा ही रहना है तो हम मेल मर्ज का उपयोग कर सभी लेटर शीघ्रता से बना सकते है ।


Sunday, June 14, 2020

प्रिंटर

प्रिंटर


प्रिंटर एक आउटपुट डिवाइस होती है, इसका प्रयोग कंप्‍यूटर के डेटा की हार्डकॉपी बनाने के लिये किया जाता है। की-बोर्ड, माउस के बाद प्रिंटर ही एक ऐसा डिवाइस है, जिसका इस्‍तेमाल सबसे अधिक किया जाता है। ऑफिस, घरों और व्‍यावसायिक प्रतिष्‍ठानों पर प्रिंटर का प्रयोग चिञ, ऑफिस डाक्‍यूमेंट प्रिंट करने के लिये किया जाता है। साधारण तौर पर प्रिंटर कंप्‍यूटर के साथ एक डाटा केबल से जुडा रहता है अौर किसी भी एप्‍लीकेशन से Ctrl+P कमांड देने पर वह आपको प्रिंट दे देता है। लेकिन अाजतक प्रिंटर के साथ नई तकनीकों का प्रयोग किया जाता है। जिसमें वायरलैस प्रिंटिग मुख्‍य है। इसमें प्रिंटर को वाई-फाई और क्‍लाउड से जोडा जाता है। जिससे दूर बैठे ही आप प्रिंटर को कमाण्‍ड दे सकते हैं। क्‍लाउड तकनीक से आप मोबाइल से भी प्रिंटर को कमाण्‍ड दे सकते हैं अौर प्रिंट निकाल सकते हैं।
प्रिंटर्स को 2 केटेगरी में रखा जा सकता है -
1. इम्पैक्ट प्रिंटर
एक प्रभाव प्रिंटर कागज के साथ संपर्क में आता है। यह आमतौर पर एक हथौड़ा या पिन का उपयोग कर कागज के खिलाफ एक स्याही युक्त रिबन दबाकर प्रिंट की छवि बनाता है।
इम्पैक्ट-प्रिंटर के उदाहरण:
डॉट-मैट्रिक्स
डेज़ी-व्हील
ड्रम

2. नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर
वह प्रिंटर जिसमें छपाई के लिए स्याही वाला रिबन पन्नों के ऊपर चोट नहीं करता, नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर कहलाता है| इन प्रिंटर में छपाई के लिए स्प्रे व अन्य इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का प्रयोग किया जाता है|
नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर जैसे
इंक-जेट प्रिंटर
लेज़र प्रिंटर

Saturday, June 13, 2020

कम्प्यूटर डाटा

कम्प्यूटर डाटा 

कम्प्यूटर एक बहुत ही उपयोगी यन्त्र है । कम्प्यूटर यूजर द्वारा दिए हुए सभी प्रकार के निर्देशों को गणना के लिए संग्रहीत करता है जैसे - संख्या, नंबर, टेक्स्ट, ग्राफ़िक्स, चित्र इत्यादि। यह सभी डाटा तथा निर्देश अलग परन्तु कम्प्यूटर इन सभी डाटा तथा निर्देशों को बाइनरी भाषा में बदल कर संग्रहीत करता है । बाइनरी एक मशीन की भाषा है जिसका आधार सिर्फ दो संख्याएँ है - 0 तथा 1 । यूजर द्वारा दिए गए सभी निर्देश बाइनरी भाषा में 0 तथा 1 में परिवर्तित हो जाते है । इस प्रक्रिया को डाटा निरूपण कहते है । डाटा निरूपण के लिए दो तरीके होते है -

1. एनालॉग क्रियायें
2. डिजिटल क्रियायें

एनालॉग क्रियायें (Analog Operations)-

एनालॉग क्रियाएं लगातार परिवर्तनशील संकेत पर आधारित है । इनमे अंकों का प्रयोग नहीं होता है । एनालॉग क्रियाओं का प्रयोग विज्ञानं तथा इंजीनियरिंग के बहुत से क्षेत्रों में किया जाता है क्योंकि इन क्षेत्रों में भौतिक मात्राओं का उपयोग अधिक किया जाता है जैसे की स्पीडोमीटर, ओडोमीटर, वोल्टमीटर, थर्मामीटर इत्यादि

डिजिटल क्रियायें (Digital Operation)-

आधुनिक कम्प्यूटर डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक सर्किट (digital electronic circuits) द्वारा निर्मित होते हैं। इस सर्किट का मुख्य भाग ट्रांजिस्टर होता है जो दो अवस्थाओं 0 तथा 1 में कार्य करता है। कम्प्यूटर में डाटा को व्यक्त करने वाली इन दो अवस्थाओं को सम्मिलित रूप से बाइनरी संख्या प्रणाली कहते हैं।

बाइनरी डाटा को स्टोर करने के लिए एक प्रणाली बनाई गई है, जिसकी सबसे छोटी इकाई बिट है ।
4 बिट्स = 1 निबल
8 बिट्स = 1 बाइट
1024 बाइट्स = 1 किलोबाइट (KB)
1024 किलोबाइट = 1 मेगाबाइट (MB)
1024 मेगाबाइट = 1 गीगाबाइट (GB)
1024 गीगाबाइट = 1 टेराबाइट (TB)

Wednesday, June 10, 2020

What is Motherboard

Motherboard
motherboard is the most important part of computer. In which all the necessary equipment are connected. Includes CPU, RAM, HDD, Monitor, BIOS, CMOS, Mouse and keyboard etc. connected via Dedicated Ports. The motherboard delivers power supply to these devices and makes communication among themselves.
The motherboard is a plastic sheet in which various ports are made to connect the equipment. Connection of  The each port is solder to the motherboard. Which we can also see with our eyes.
Motherboard Functions - Functions of Motherboard
The motherboard provides space to connect the accessories. Therefore it is also called backbone of computer.
It provides power supply to connected devices and also manages them.
Conducts communication of one device with another.
The BIOS of the computer preserves the settings and information so that the computer can run smoothly.
Different motherboard parts
The motherboard acts as a Base or Components' Hub. With which all the necessary computer equipment is connected. Each device is connected to a Dedicated Place. This place or place is called Port.

Main motherboard
Intel
ASUS
Gigabyte
Amd
Acer
Msi
ABIT
Aopen
Biostar

Motherboards have different types of ports. In which different devices of the computer can be connected. Complete information of motherboard ports

Serial port
Serial ports are used to connect additional modems and older mice. These Ports come in two models 9 Pin and 25 Pin.

Parallel Port
Scanners & Printers are connected in these ports. It consists of Ports 25 Pin. They are also called Printer Port.

PS / 2 Port
These ports are round in shape. They connect the mouse and keyboard. Nowadays these ports are used very rarely.

USB Ports
There is USB (Universal Serial Bus). All types of USB devices such as mouse, keyboards, printers, hard disks etc. can be connected by USB ports and their data transfer capability is much faster and more.

VGA Port
Performs the task of connecting Computer Monitor
 Its structure is similar to Serial Port.

Power connector
A Power Connector is used to connect the motherboard to Power. Power does not go directly to the motherboard. It first goes to the SMPS and then reaches the motherboard.

Modem port
Modem Port is used to connect the computer to the Internet. It is somewhat like a USB port.

External ports
These ports are used to connect one computer to another. Network cable is added to them.

Game port
Game ports are used to connect Game Consoles and Joystics. However, nowadays USB ports have started being used in their place.

DVI Port
DVI (Digital Video Interface). DVI Port is used to connect Flat Panel Monitors i.e. LCD, LED to computer.

Sockets
Sockets are used to connect Speakers and Microphones to computers. They are round and small.

मदरबोर्ड कि पुरी जानकारी

मदरबोर्ड
मदरबोर्ड कम्प्युटर का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है. जिसमे सभी आवश्यक उपकरण जुडे रहते हैं. CPU, RAM, HDD, Monitor, BIOS, CMOS, Mouse और keyboard आदि शामिल है जो Dedicated Ports के माध्यम से जुडे रहते हैं. मदरबोर्ड इन उपकरणों को Power Supply पहुँचाता है और आपस में Communication करवाता हैं.
मदरबोर्ड एक प्लास्टिक शीट होती हैं जिसमे उपकरणॉं को जोडने के लिए विभिन्न Ports बनाये जाते है. प्रत्येक पोर्ट का Connection मदरबोर्ड के Solder हुआ रहता हैं. जिसे हम अपनी आंखों से भी देख सकते हैं.
मदरबोर्ड के कार्य – Functions of Motherboard 
मदरबोर्ड सहायक उपकरणों को जोडने के लिए जगह उपलब्ध करवाता है. इसलिये इसे कम्प्युटर की Backbone भी कहा जाता हैं.
यह Connected Devices को Power Supply पहुँचाता है और उन्हे Manage भी करता हैं.
एक उपकरण की दूसरे उपकरण के साथ बातचीत यानि Communication करवाता हैं.
Computer की BIOS Settings और सूचना को सुरक्षित रखता है ताकि कम्प्युटर आसानी से चालु हो सके.
मदरबोर्ड के विभिन्न भाग
मदरबोर्ड एक Base या Components’ Hub की तरह काम करता हैं. जिससे सभी और आवश्यक कम्प्युटर उपकरण जुडे रहते हैं. प्रत्येक उपकरण एक Dedicated Place पर Connect होता हैं. इस Place या जगह को Port कहा जाता हैं.

प्रमुख मदरबोर्ड 
Intel
ASUS
Gigabyte
AMD
Acer
MSI
ABIT
AOpen
Biostar

मदरबोर्ड में विभिन्न प्रकार के Ports होते हैं. जिनमें कम्प्युटर के अलग-अलग उपकरणों को जोडा जा सकता हैं. Motherboard Ports की पूरी जानकारी 

Serial Port
Serial Ports का उपयोग अतिरिक्त मॉडेम और पुराने माउसों को जोडने के लिया किया जाता हैं. ये Ports 9 Pin और 25 Pin इन दो मॉडल में आते हैं.

Parallel Port
इन Ports में Scanners & Printers को कनेक्ट किया जाता है. यह Ports 25 Pin में होते हैं. इन्हे Printer Port भी कहा जाता हैं.

PS/2 Port
इन Ports का आकार गोल होता हैं. इनके द्वारा माउस और की-बोर्ड को जोडा जाता हैं. आजकल इन पोर्ट का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता हैं.

USB Ports
USB (Universal Serial Bus ) होता हैं. USB Ports के द्वारा सभी प्रकार के USB Devices जैसे माउस, की-बोर्ड, प्रिंटर, हार्ड डिस्क आदि को कनेक्ट किया जा सकता है और इनकी डाटा ट्रांसफर करने की क्षमता बहुत तेज और ज्यादा होती हैं.

VGA Port
Computer Monitor को जोडने का कार्य करता हैं
 इसकी बनावट Serial Port के जैसी ही होती हैं.

Power Connector
Motherboard को Power से जोडने हेतु Power Connector का इस्तेमाल होता हैं. पॉवर सीधे मदरबोर्ड में नही जाती हैं. यह पहले SMPS में जाती हैं इसके बाद मदरबोर्ड में पहुँचती हैं.

Modem Port
Computer को इंटरनेट से जोडने के लिए Modem Port को इस्तेमाल किया जाता हैं. इसकी बनावट कुछ-कुछ USB Port के जैसी होती हैं.

External Ports
एक कम्प्युटर को दूसरे कम्प्युटर से जोडने के लिये इन Ports का इस्तेमाल किया जाता हैं. इनमे Network Cable को जोडा जाता हैं.

Game Port
Game Consoles और Joystics को जोडने के लिए गेम पोर्ट का इस्तेमाल किया जाता हैं. मगर, आजकल इनकी जगह USB Ports का इस्तेमाल होने लगा है.

DVI Port
DVI (Digital Video Interface ) होता हैं. DVI Port का उपयोग Flat Panel Monitors यानि LCD, LED को कम्प्युटर से जोडने के लिए किया जाता है.

Sockets
Speakers और Microphones को कम्प्युटर से कनेक्ट करने के लिए Sockets का इस्तेमाल किया जाता है. ये गोल और छोटे होते हैं.

नया कम्प्यूटर खरीदने से पहेले किन बातो का ध्यान रखें

Desktop 


ये एक simple सी choices में से एक है, और इससे आपके cost में बहुत बड़ा फर्क पड़ेगा. और खर्च में भी, जो शायद अभी आपको नहीं पता चलेगा.  but इससे कुछ ज्यादा फर्क नहीं है

Laptop

But अगर आपको small hardware में बहुत से components को store करना है, और उसे ले कर एक जगह से दूसरी जगह जाना है, तो laptop better है.

Computer का Processor
एक new computer लेते समय  processor के बारे में कुछ बाते जरुर पता होनी चाहिए
अगर आपको एक fast computer चाहिए, जो की programs को बहुत तेज़ी से Run करवाऐ, tasks को बहुत जल्दी करता है, और आपको wait नहीं करवाता, तो आपको सबसे strongest processor लेना चाहिए. और कौन ऐसा नहीं चाहता. 


Dual Core – home use 

i3 Processor – office /work 

i5 Processor -gaming 

i7 Processor 

Ram





1. आज के time में RAM को Gigabytes में measure किया जाता है. 
2. ज्यादा RAM होने से आपका computer ज्यादा files store कर के भी speed maintain करता है. 
3.RAM में बहुत काम data store किया जा ससकता है

2 GB RAM – Normal use for dual core 


4 GB RAM – Medium use के I5 and I3 के साथ use कर सकते है.


8 GB RAM – Professional use

Hard Drive




हर computer को data store की जरुरत होती है,क्योंकि RAM जो save करेगा   वो hard drive में जाता है. आप computer में बहुत चीज़ें store करना चाहेगे  तो जितना  हो सके, उतने ज्यादा Gigabytes या Terabytes का hard drive लें.अगर आप अपने computer पे बहुत से applications रखना चाहते हैं, और ज्यादा media नहीं रखना चाहते, तो कम memory वाला hard drive लें, और पैसे बचाएँ. अगर आप एक fast computer खरीदना चाहते हैं, और आपके पास money भी है तो ज्यादा memory वाले hard drives या flash hard drives का use करें.


Graphics 



Computer बनाने वाले अपने computer की screen  पर हमेशा stickers लगाते हैं, की उसने कौन-सा graphic card computer में use किया  जैसे की AMD और NVIDIA graphics cards. हम में से ज्यादातर लोग  ध्यान नहीं देते, आपको gaming और heavy software के लिए, graphic card का selection  करना होता है

Sunday, June 7, 2020

कंप्यूटर प्रोसेसर क्या है? ( कम्प्यूटर खरीदते समय प्रोसेसर कि जानकारी अवश्य होनी चाहिए)




रोजाना कंप्यूटर का इस्तेमाल करते है तो आपने कभी सोचा है की आखिर कैसे कंप्यूटर हमारे दिए गये निर्देशो के अनुसार कार्य करता है तो आज हम जानेंगे की कंप्यूटर प्रोसेसर क्या है? (What is Computer Processor in Hindi) और ये कैसे काम करता है।

कंप्यूटर एक मशीन (Machine) है जो डेटा को इनपुट (Input) के रूप में स्वीकार कर, उस डाटा (Data) को प्रोसेस (Process) करता है तथा उचित परिणाम (Result) को आउटपुट (Output) के रूप में हमे प्रदान करता है। जटिल कार्यों को पूरा करने के लिए डेटा को संग्रहीत (Store) भी करता है और ये गणनाएं सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) के द्वारा होता है जिसे माइक्रोप्रोसेसर


(Microprocessor) के रूप में भी जाना जाता है जो कि कंप्यूटर सिस्टम का दिमाग कहलाता है।


माइक्रोप्रोसेसर डेटा और निर्देशों के रूप में कीबोर्ड या माउस जैसे इनपुट डिवाइस से इनपुट स्वीकार करता है। यह निर्देशों का उपयोग कर डेटा को प्रोसेस करता है और प्राप्त परिणाम मतलब डाटा को आउटपुट डिवाइस


जैसे मॉनिटर या प्रिंटर पे भेजता है। एक कंप्यूटर की प्रोसेसिंग यूनिट सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू) है।

प्रोसेसर CPU बॉक्स (Cabinet) के अंदर मौजूद होता है और कंप्यूटर की सभी गणना करता है। क्या आप जानते हैं कि आपका मस्तिष्क आपके लिए क्या करता है? यह चीजों को याद करता है और निर्णय लेता है यह गणना और कई अन्य चीजें भी करता है।


प्रोसेसर (Processor) कंप्यूटर के मस्तिष्क (Brain) के रूप में जाना जाता है और कंप्यूटर के सभी कार्य इसी के द्वारा होती है। इस तरह आप कंप्यूटर प्रोसेसर क्या है? (Computer Processor Kya Hai) जान चुके है।

विषय-सूची

  • कंप्यूटर प्रोसेसर क्या है? (What is Computer Processor in Hindi)
  • प्रोसेसर कोर क्या है? (What is Core in Processor in Hindi)
  • प्रोसेसर के प्रकार कितने है? (Types of Processor in Hindi)
  • प्रोसेसर काम कैसे करता है? (How Processor Works in Hindi)
  • प्रोसेसर बनाने वाली कंपनिया कौन-कौन है? (Processor Manufacturing Companies)

कंप्यूटर प्रोसेसर क्या है? (What is Computer Processor in Hindi)

कंप्यूटर प्रोसेसर एक माइक्रोचिप होता है जो कंप्यूटर के मदरबोर्ड (Motherboard) में लगी होती है और कंप्यूटर से जुरे सभी कंपोनेंट्स को नियंत्रित करता है। यह डाटा इनपुट के रूप में लेता है और उसे हज़ारो-लाखों गुना तेज़ी से प्रोसेस कर हमे परिणाम आउटपुट के रूप में आउटपुट डिवाइसेस की सहायता से देता है। प्रोसेसर एक मल्टी प्रोग्रामेबल लॉजिकल डिवाइस है।

प्रोसेसर को डेटा की प्रोसेसिंग के लिए जानकारी की आवश्यकता होती है। और यह इस जानकारी को मेमोरी जैसे RAM से प्राप्त करता है। मेमोरी से डाटा को प्राप्त करने की  प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने के लिए हम कैश (Cache) मेमोरी का इस्तेमाल करते है।

नवीनतम माइक्रोप्रोसेसर को Level 1 (L1) कैश के रूप में जाना जाता है। माइक्रोप्रोसेसर कैश में आवश्यक जानकारी संग्रहीत रखता है। माइक्रोप्रोसेसर पहली बार उस सूचना की जांच कैश मेमोरी में करता है अगर माइक्रोप्रोसेसर कैश में आवश्यक जानकारी पाता है। तो इसे कैश हिट (Cache Hit) के रूप में जाना जाता है और अगर माइक्रोप्रोसेसर आवश्यक जानकारी नहीं खोजता पाता है, तो इसे कैश मिस (Cache Miss) के रूप में जाना जाता है और प्रोसेसर RAM में दी गई जानकारी के लिए खोज करता है।

कंप्यूटर प्रोसेसर की पहचान विभिन्न पहलुओं पर आधारित हैं, जैसे कि Clock SpeedFSB, और L2 Cache. प्रोसेसर कितना तेज़ी से काम करता है इसको मापने के लिए Gigahertz का इस्तेमाल होता है। प्रोसेसर में जितना ज्यादा Gigahertz का प्रोसेसर होगा उसकी प्रोसेसिंग स्पीड उतनी ही तेज होगी।

  • क्लॉक स्पीड (Clock Speed): प्रोसेसर की गति विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है जैसे कि Bandwidth और Clock Speed इत्यादि। क्लॉक स्पीड उस गति को व्यक्त करता है जिस पर माइक्रोप्रोसेसर एक निर्देश को संभालता है। माइक्रोप्रोसेसर की Clock Speed 66 MHZ से 3.8 GHZ तक रहती है।
  • FSB (Front Side Bus): FSB सिस्टम मेमोरी में सीपीयू की गति को दर्शाता है यह उस गति को मापता है जिस पर CPU, RAM के साथ संचार करता है। FSB की गति 66 से 1333 MHz तक होती है।
  • L2 कैश (L2 Cache): अधिकांश प्रोसेसर के पास Level 2 कैश मेमोरी होती है ये Level 1 कैश की तरह की काम करती है  256 KB से 8 MB तक इसकी संग्रहण करने की क्षमता होती है।

प्रोसेसर कोर क्या है? (What is Core in Processor in Hindi)

मुख्यतः कोर (Core) सीपीयू की मूल गणना इकाई है, Intel प्रोसेसर्स हाइपरथ्रेडिंग (Hyper Threading) का समर्थन करते है। सरल शब्दों में, इंटेल द्वारा विकसित प्रोसेसर्स हाइपरथ्रेडिंग का इश्तेमाल करते है हाइपरथ्रेडिंग तकनीक द्वारा एक प्रोसेसर दो लॉजिकल विभिन्न प्रोसेसर के रूप में कार्य करता है। उदाहरण के लिए, आप वर्ड प्रोसेसिंग (Word Processing) एप्लिकेशन में एक स्पेल (Spell) चेक कर सकते हैं और एक ही समय में एंटिवायरस द्वारा सिस्टम स्कैन भी कर सकते है।

तो आप समझ ही गये होंगे की सिंगल कोर, डुअल-कोर, क्वाड-कोर, ऑक्टा-कोर क्‍या हैं ? इनका सीधा का मतलब है की एक प्रोसेसर ड्यूल कोर तो 2 लॉजिकल प्रोसेसर की तरह काम करेगा, क्वार्ड, कोर 4 लॉजिकल प्रोसेसर की तरह, ऑक्टा-कोर 8 लॉजिकल प्रोसेसर की तरह काम करेगा।

ज्यादा कोर (Core) मतलब गज़ब की प्रोसेसिंग स्पीड, ज्यादा तेज गेमिंग, फुल स्पीड मल्टि-टास्किंग, फ़ास्ट विडियो एडिटिंग रेंडरिंग स्पीड, फुल एचडी विडियो प्लेबैक करने की क्षमता इत्यादि। अब तो आप जान ही गये होंगे कंप्यूटर प्रोसेसर क्या है ? और ये कैसे काम करता है अब इसके प्रकार के बारे में जानते है।

प्रोसेसर के प्रकार कितने है? (Types of Processor in Hindi)

1993 में Intel Pentium माइक्रोप्रोसेसर के लौंच ने कंप्यूटर सिस्टम को एक साथ दो कार्यो करने के सक्षम बनाया जिनके द्वारा ऐसे कार्यो को निष्पादित करने की क्षमता जिसमें अधिक प्रोसेसिंग की आवश्यकता थी।

इंटेल तब धीरे-धीरे विभिन्न प्रयोजनों (Purposes) के लिए 

Pentium 2, Celeron, Pentium 3 और Pentium 4, Dual Core, Core2 Duo, Core2 Quad, Core i3, Core i5 और Core i7 प्रोसेसर विकसित करता चला गया। अब आप कंप्यूटर प्रोसेसर क्या है ? और ये कितने प्रकार के है जान चुके है अब जानते है ये काम कैसे करता है।

प्रोसेसर काम कैसे करता है? (How Processor Works in Hindi)

CPU (Central Processing Unit) के तीन भागों हैं:

  • ALU (Arithmetic and Logic Unit): यह सभी अंकगणितीय गणना करता है, ALU चिप CPU का एक स्मार्ट हिस्सा है जो संपूर्ण अंकगणित और तर्क कार्य करता है जैसे कि जोड़ना, घटाना, गुणा करना और विभाजन करना। यह तर्क आदेश भी पढ़ता है जैसे कि ORAND और NOTControl Unit ALU को निर्देश भेजकर कार्य करने के लिए कहता है। Control Unit द्वारा नियुक्त किए गए कार्य को पूरा करने के लिए ALU रजिस्टरों से डेटा लेता है ALU चिप में प्रोसेसिंग का अंतिम चरण है।
  • CU (Control Unit): यह कंप्यूटर की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है। यह कंप्यूटर के अन्य भागों को बताता है कि उन्हें क्या करना चाहिए। नियंत्रण इकाई (Control Unit) माइक्रोप्रोसेसर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है क्योंकि यह एक माइक्रोप्रोसेसर की पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। यह Decode Unit से निर्देशों पर सीपीयू के एक अलग हिस्से का उपयोग करके निर्देशों का विश्लेषण, और निष्पादित करता है, यह Control Signals बनाता है जो अंकगणित तर्क इकाई (ALU) को बताता है और रजिस्टरों कैसे संचालित होता है, किस पर चल रहा है, और परिणामों के साथ क्या करना है Control Unit सुनिश्चित करता है कि सही समय पर सबकुछ ठीक होता है।
  • MU (Memory Unit): यह डेटा और निर्देशों अस्थायी रूप से संग्रहीत करता है। जब कंप्यूटर कार्यशील होता है सरल शब्दों में जो कंप्यूटर डाटा को प्रोसेस करता है तो मेमोरी यूनिट डेटा और निर्देशों को अस्थायी रूप से संग्रहित करने में होता है। अब आप कंप्यूटर प्रोसेसर क्या है ? और उसके कार्यप्रणाली को समझ चुके है अब प्रोसेसर बनाने वाली कंपनिया कौन-कौन है? हम जान लेते है।
प्रोसेसर बनाने वाली कंपनिया कौन-कौन है? (Processor Manufacturing Companies 
Intel और AMD दो बड़े नाम है प्रोसेसर्स बनाने वाली कंपनियों में लेकिन ARM processors आज भी ज्यादातर स्मार्टफोन में इस्तेमाल किया जाता है, Qualcomm और MediaTek अभी भी शीर्ष पर है। MIPS एक अन्य प्रकार की प्रोसेसर आर्किटेक्चर (Architecture) है, जो मुझे लगता है कि नेटवर्किंग (Networking) डिवाइसों में ज्यादातर प्रयोग किया जाता है।


Friday, June 5, 2020

Memory ( RAM) क्या है

मेमोरी ( RAM) कम्प्यूटर का वह पार्ट है जो कम्प्यूटर पर स्क्रीन दिखाने का काम करता है  और मेमोरी  से  कम्प्यूटर कि स्पीड भी बड़ती है मेमोरी कम्प्यूटर का बुनियादी 




कम्प्टूयर की प्राइमरी मेमोरी तीन प्रकार की होती है।


  रैम (RAM( Random Access Memory )

रैम कंप्यूटर की अस्थाई मेमोरी होती है क्योकि कंप्यूटर को बंद करने पर  इसमें स्टोर डाटा (सूचना ) नष्ट हो जाती है इस मेमोरी का उपयोग सी पी यू  पर क्रियान्वित होने वाले प्रोग्राम  संगृहीत करने के लिए किया जाता है।  सी पी यू द्वारा प्रोग्राम के क्रियान्वयन के बाद रैम में स्टोर डाटा को हटाकर नये डाटा रैम में स्टोर हो जाता है इस मेमोरी में सूचनाओं को किसी भी स्थान पर स्टोर कर सकते है।  रैम की क्षमता ६४ मेगाबाइट से लेकर ४ गीगा बाइट तक  हो सकती है।


रैम मेमोरी का प्रकार (Type of RAM )

रैम कंप्यूटर में दो प्रकार के उपयोग किया जाता है।


i  - डायनमिक रैम(Dynamic RAM )

१-डायनामिक रैम में स्टोर सूचना को कुछ ही मिली सेकंड के बाद पुनः लिखना पड़ता है नहीं तो ये सूचनाएं समाप्त हो जाती है।

२- डायनामिक रैम की स्टोर क्षमता अधिक होती है।

३-डायनामिक रैम की गति कम होती है।

४- डायनामिक रैम सस्ती होती है।

२- रीड ओनली मेमोरी (ROM)

३- कैश (कैश)


ii  - स्टैटिक रैम (Static RAM )


१-स्टैटिक मेमोरी में सूचना को पुनः लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।  उसमे स्टोर सूचना तब तक रहती है जब तक इसमें विधुत धारा प्रवाहित होती है।

२- स्टैटिक रैम की स्टोर क्षमता कम होती है।

३- स्थैतिक रैम की गति अधिक होती है।

४- स्टैटिक रैम महंगी होती है।


- रीड ओनली मेमोरी (ROM )

रीड ओनली मेमोरी में रखीं गयी सूचना को केवल पढ़ा जा सकता है।   इस मेमोरी में न तो कुछ लिखा जा सकता है न ही लिखी गई सूचना को बदला जा सकता है।  यह स्थाई मेमोरी होती है। कंप्यूटर को बंद करने पर इसमें स्टोर डाटा नष्ट नहीं होता है।  इस मेमोरी में कंप्यूटर निर्माण के समय ही सूचनाएं संगृहीत कर दी जाती है। 

           कंप्यूटर को ऑन करते ही ROM में स्टोर प्रोग्राम स्वतः ही क्रियान्वित हो जाते है।  ये प्रोग्राम कंप्यूटर के सभी उपकरणों की जांच कर उन्हें सक्रिय अवस्था में लाते है। रोम में स्टोर प्रोग्राम को BIOS(Basic Input Output System ) कहा जाता है।

i-PROM(Programmable Read Only Memory)

इस प्रकार के रोम में प्रारम्भ में खली होती है इसमें उपयोगकर्ता विशेष उपकरणों से अपने प्रोग्राम को स्टोर कर सकता है।  एक बार प्रोग्राम स्टोर हो जाने के बाद उनको बदला या हटाया नहीं जा सकता।

ii -EPROM( Erasable Programmable Read Only Memory)

यह मेमोरी प्रोम (PROM) की तरह ही होती है। लेकिन इसमें स्टोर प्रोग्राम को पराबैगनी किरणों ( Ultra Violet Rays   ) की सहायता से हटाया जा सकता है और उसे फिर से लिखा जा सकता है।

iii -EEPROM(Electrically Erasable Programmable Read Only Memory)

यह मेमोरी ईप्रोम (EPROM) की तरह ही होती है।लेकिन इसमें स्टोर प्रोग्राम को विधुतीय विधि (Electrical Method ) की सहायता से हटाया जा सकता है और उसे फिर से लिखा 




सेकेंडरी मेमोरी (Secondary Memory)


इस मेमोरी को एक्सटर्नल (External) या सहायक (Auxiliary) मेमोरी भी कहते है। यह मेमोरी प्राइमरी मेमोरी से सस्ती होती है। इस मेमोरी में स्टोर सूचना कंप्यूटर के बंद होने के बाद नष्ट नहीं होता है यह डाटा को स्थाई रूप से स्टोर करता है इसलिए इसे स्थाई मेमोरी भी कहते है। सेकेंडरी मेमोरी में डाटा स्टोरेज क्षमता प्राथमिक मेमोरी की तुलना में बहुत अधिक होता है।  


सेकेंडरी मेमोरी कंप्यूटर में विभिन्न प्रकार की होती है। जिसके बारे में निचे दिया गया है।  


हार्ड डिस्क ड्राइव (Hard Disk Drive (HDD))


हार्ड डिस्क कंप्यूटर की सेकेंडरी मेमोरी है जो स्थाई रूप से लगा रहता है। सी पी यू द्वारा डाटा और प्रोग्राम लोड करने तथा डाटा को स्टोर करने के लिए भी हार्ड डिस्क का उपयोग किया जा सकता है। वर्तमान समय में ५०० गीगा बाइट तक की क्षमता वाले हार्ड डिस्क का उपयोग हो रहा है। हार्ड डिस्क धूलरहित और ठन्डे वातावरण में चलाया जाना चाहिए।  


सी डी और सी डी ड्राइव (CD and CD Drive)


CD-ROM कॉम्पैक्ट रीड ओनली मेमोरी डिस्क के स्पाइरल ट्रैक डाटा को रिकॉर्ड और रीड करने के लिए लेजर बीम (laser beam ) का उपयोग करता है। इस मेमोरी में डाटा स्टोर करने की क्षमता ७०० मेगा बाइट होता है। यह एक स्थाई मेमोरी भी है जो डाटा को स्थाई रूप से स्टोर करती है जिसे एक कंप्यूटर की सूचना को दूसरे कंप्यूटर पर आसानी से ले जा सकते है और ला सकते है।

डीवीडी डिस्क (DVD(Digital Video Disk )


यह मेमोरी सी डी डिस्क की भाति होती है लेकिन इसकी डाटा स्टोरेज क्षमता सी डी डिस्क से ज्यादा होती है 4.७ गीगा बाइट होती है ।  


बी आर डी (BRD( Blu ray disk ))


यह मेमोरी डी वी डी डिस्क की भाति होती है लेकिन इसकी डाटा स्टोरेज क्षमता डी वी डी डिस्क से ज्यादा होती है २५ गीगा बाइट से लेकर १२८ गीगा बाइट तक होती है ।


 पेन ड्राइव (Pen Drive)


यह कंप्यूटर की सेकेंडरी और स्थाई USB (Universal Service Bus ) फ्लैश मेमोरी ड्राइव है जो डाटा को स्थाई रूप से स्टोर करती है।


मैग्नेटिक टेप्स (Magnetic Tapes)


यह कंप्यूटर की सेकेंडरी मेमोरी है जो चुंबकीय टेप सुप्रसिद्ध संग्रहण माध्यम है जो बड़े कंप्यूटर सिस्टम में उपयोग होते है। डाटा को चुंबकीय टेप पर संगृहीत करके क्रमशः रीड किया जाता है। चुंबकीय टेप कई रिलो में उपलब्ध है।  


फ्लॉपी और फ्लॉपी डिस्क ड्राइव (Floppy and Floppy Disk Drive)

फ्लॉपी एक लचीला ३.५ इंच व्यास का वृत्तीय डिस्क है जो प्लास्टिक से लेप हुआ है और चुंबकीय वस्तु से बना है। यह एक वर्गाकार प्लास्टिक जैकट में रखा  जाता है।  इसकी डाटा स्टोरेज क्षमता बहुत कम होता है।  यह मेमोरी वर्तमान समय में इसका उपयोग कम  होने के कारण समाप्ति की और है।

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