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Thursday, June 18, 2020

MI NOTEBOOK 14 LAPTOP

नमस्कार दोस्तों आज में आपको बताने जा रहा हूँ MI कम्पनी द्वारा निर्मित  MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप के बारे में जो आज लॉन्च हुआ है में आपको बताउँगा कि ये लेपटॉप कैसा है इस लेपटॉप में क्या क्या चीजें ऐसी है जो इस MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप को प्रभावशाली बनाती है तो आइये दोस्तों जानते है MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप के बारे में 
पहले तो में आपको बता दु कि MI  कम्पनी ने दो लेपटॉप अलग-अगल प्रोसेसर के साथ निकाले है जिसमें से एक लेपटॉप I5 प्रोसेसर के साथ और वही दुसरी और I7 प्रोसेसर के साथ डिजाइन किया है पहले बात करते हैं I5 प्रोसेसर वाले MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप कि 

MI NOTEBOOK 14 WITH I5 प्रोसेसर

1. MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप सबसे पहले बात करते हैं इसके प्रोसेसर कि जो कि अभी चल रही है 10th Generation Intel Core का I5 प्रोसेसर है जो कि बहुत पावर फुल है और 4.2 GHz कि स्पीड से का करता है यह एक मल्टी कोर प्रोसेसर है अब बात करते हैं इसके ग्राफिक के जो कि 2GB GDDR5 NVIDIA MX250 का ग्राफिक है जो कि गेमिंग के लिये  और ऐडीटीग के लिए नोर्मल युज के लिये अच्छा है 
अब बात करते हैं इसकी स्टोरेज कि 512GB  SATA SSD है जो कि और लेपटॉपओ कि तुलना में कम है
अब चलते हैं इसकी RAM पर जो कि हैं 8GB DDR4 RAM जो कि ठिक-ठाक है अब बात करते हैं इसकी डिसप्ले कि जो कि है Full HD Anti-glare Display 35.56cm (14) है और इसका जो SOUND है वो Stereo Speakers + DTS Audio Processing है और अब बात करे है इसके वजन कि जो है 1.5kg Light & Sleek और अब कम्पनी ने इस लेपटॉप कीमत रखी है वो है  RS.41,999 

MI NOTEBOOK 14 WITH I7 प्रोसेसर


2. अब बात करते हैं इसी कम्पनी के MI NOTEBOOK 14 लेपटॉप कि जो I7 प्रोसेसर के साथ है इस लेपटॉप का प्रोसेसर भी 10th generation का है Intel® Core™ i7-10510U Processor
1.8GHz quad-core with boost clock (up to 4.9GHz) ये 4.9 GHz कि स्पीड से बूस्ट हो सकता है और इसके ग्राफिक कि बात कि जाऐ तो वो है NVIDIA® GeForce® MX350
Video Memory Size - 2GB GDDR5 VRAM
इसमें भी वही है ज्यादा HIGHT QUILTY के सोफ्टवेयर नहीं चला सकते और जो इसका DISPLAY है वो 35.56cm(14) Full HD (1920 x 1080) Anti-glare 16:9
Horizon Display
91 % screen-to-body ratio
178° Wide-viewing Angle है  अब बात करते है इसकी RAM कि जो है 8GB 2666MHz DDR4 RAM कि अब बात करते है इसकी STORGE कि जो 512GB PCI Express Gen 3 NVMe SSD
3000 MB/s कि Sequential Read, 1800 MB/s Sequential Write Speed

512GB SATA 3 SSD
600 MB/s Speed कि है 
इसका SOUND 2x2W Stereo Speakers
DTS Audio Processing App Support
3.5mm headphone jack का है और इन दोनों लेपटॉप का BETTRY BACKUP 10 HOURS का है और इसका  PRICE जो कम्पनी ने रखा है वो RS.54,999 है
ये दोनों ही लेपटॉप मेटल बॉडी के है और इन दोनों लेपटॉप का बेटरी बेकप 10 Hours  है 
 आपको इन दोनों लेपटॉप मे से कौन-सा अच्छा लगा कृपया COMMENT में बताइये

Tuesday, June 16, 2020

इंटरनेट की स्पीड चेक कैसे करे

इंटरनेट की स्पीड 




इंटरनेट की स्पीड को टेस्ट करने का आसान तरीका 
इस तरह इंटरनेट की स्पीड टेस्ट करें
भारत में इन्टरनेट युजर्स को काफी स्लो इन्टरनेट स्पीड का सामना करना पड़ता है जिससे उनका काम सही ड़ग से नही हो पाता 
लैपटॉप हो या स्मार्टफोन सब  इंटरनेट के बिना फीके है. इंटरनेट है तो आप दुनिया भर कि बहुत कुछ चीजें  डाउनलोड कर सकते हैं. ऑनलाइन फिल्में देख सकते हैं या सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर सकते हैं. हालांकि यह बताने की जरुरत नहीं कि यूजर्स इंटरनेट से क्या कर सकते हैं. युजर्स इन्टरनेट से बहुत कुछ कर सकता है
आज में आपको इन्टरनेट की स्पीड चेक करने का एक असान तरीका आपको बताने जा रहा हूँ जिस से आप लेपटॉप या मोबाइल कि स्पीड असानी से चेक कर सकते हो 
आज के समय में इंटरनेट का इतना ज्यादा उपयोग होता है ना शायद ही पहले हुआ हो और आने वाले समय में इंटरनेट का यूज काफी तेजी से बढेगा
आज के समय में भारत में फोर जी नेटवर्क का उपयोग हो रहा है



भारत में इंटरनेट का स्लो होना सबसे बड़ी समस्या है. चाहे मोबाइल, इंटरनेट या ब्रॉडबैंड यूजर्स इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि इंटरनेट की स्पीड क्या है. कई बार कंपनियां दावा तो ज्यादा स्पीड का करती हैं लेकिन जब एक वीडियो देखना चाहें तो आराम से देख भी नहीं सकते. जब आप टेलीकॉम या इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को कॉल करेंगे तो उधर से बताया जाएगा कि उन्होंने जितने स्पीड का दावा किया था वही मिल रही है.

हम आपको इंटरनेट स्पीड टेस्ट करने का सबसे आसान तरीका बताते हैं. इसके जरिए आप यह पता लगा सकते हैं कि कंपनी ने जितने स्पीड का कमिटमेंट किया है उतना दे रही है या नहीं. आप इसके जरिए कंपनियों को स्पीड कम देने का चैलेंज भी कर सकते हैं.

  • fast.com : यह शायद दुनिया का सबसे आसान इन्टरनेट स्पीड टेस्ट मोनिटर वेबसाइट है. हाल ही में वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनी नेटफ्लिक्स ने इसे ग्लोबल लॉन्च किया है. आपको इंटरनेट ब्राउजर में www.fast.co लिखना है. वेबसाइट ओपन होते ही स्पीड टेस्ट शुरू हो जाएगा आपको किसी खास ऑप्शन पर क्लिक करने की  जरूरत नहीं होगी.

इस वेबसाइट का यूजर इंटरफेस काफी आसान है. चंद सेकेंड्स में आपको इन्टरनेट स्पीड बता दी जाती है  यहां आपको एक ऑप्शन मिलेगा जिसके जरिए इन्टरनेट स्पीड को Speetest.net की स्पीड से कंपेयर भी कर सकते हैं. इसकी खासियत यह है कि इसमें आपको विज्ञापन कही भी नजर नही आऐगे

  • Speedtest.net : यह वेबसाइट दुनिया की चंद मशहूर इंटरनेट स्पीड टेस्ट वेबसाइट्स में से एक है. इसका यूजर इंटरफेस काफी दिलचस्प और बढीया है. इसमें इंटरनेट की डाउनलोडिंग और अपलोडिंग स्पीड के साथ पिंग भी पता चलता है.

Monday, June 15, 2020

एम.एस.वर्ड और उसकी विशेषताएं

एम.एस.वर्ड
माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सिस्टम को इनस्टॉल तथा एक्टिव करने के पश्चात जब आप पहली बार एम.एस.वर्ड चलाते है तो वर्ड कुछ बेसिक सेटिंग्स आपसे पूछता है और आपके अनुसार सेट कर देता है । वर्ड में सभी निर्देश तथा जानकारी यूजर इंटरफ़ेस के माध्यम से दी गई होती है । अधिकाँश निर्देश वर्ड में मुख्य रिबन पर दिए होते है जो वर्ड में ऊपर की तरफ विस्तृत क्षेत्र होता है । रिब्बन में सभी मुख्य कमांड्स आइकॉन की मदद से दिए होते है ताकि सिर्फ एक क्लिक करके आप उनका किसी भी समय उपयोग कर सकते है ।

माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के सभी सॉफ्टवेयर में यह रिब्बन होता है तथा इस रिब्बन के तीन मुख्य भाग है
1. Tab (टैब) - टैब के अंदर साथ मुख्य ऑप्शन है, इनमे से प्रत्येक एक महत्वपूर्ण कार्य क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है| इनके माध्यम से वर्ड में हर चीज़ कंट्रोल की जा सकती है ।
2. ग्रुप - यह सम्बंधित आइटम्स को एक साथ ग्रुप में दिखाता है ।
3. कमेंट - इसमें कोई भी टिपण्णी तथा जानकारी रखने के लिए मेनू होते है ।

टैब पर प्रत्येक वस्तु, उपयोगकर्ता की गतिविधियों के अनुसार सावधा‍नीपूर्वक चयन की गई है. उदाहरण के लिए, होम टैब पर आपके द्वारा अधिकांश उपयोग की जाने वाली सभी चीजें होती हैं, जैसे फ़ॉन्ट बदलने के लिए फ़ॉन्ट समूह में आदेश: जेसे कट, कॉपी, पेस्ट फॉर्मेट पेंटर, फ़ॉन्ट आकार, बोल्ड, इटैलिक, अन्डरलाइन इत्यादि|

जब हम वर्ड ओपन करते है तो हमे सब से पहले खाली स्क्रीन दिखाई देती है| यहाँ पर सबसे ऊपर बाएं कोने में एक गोल बटन नजर आता है जिसे ऑफिस बटन कहते हैं जिसका उपयोग आप एक नई फाइल बनाने में, मौजूदा फ़ाइल को खोलने, फ़ाइल को सेव के लिए, और कई अन्य कार्य करने के लिए कर सकते हैं |

ऑफिस बटन के पास में तीन बटन वाला एक छोटा सा बॉक्स जिसे क्विक एक्सेस बार कहते हैं, जिसका उपयोग आप अपनी फाइल को सुरक्षित करने के लिए, आपके द्वारा लिए गए कार्य को पूर्ववत करने (undo), और कार्य को वापस लेने के लिए (redo) होता है।
एम.एस.वर्ड : विशेषताऐ तथा उपयोग

एम.एस.वर्ड दुनिया में सबसे ज्यादा उपयोग में आने वाला सॉफ्टवेयर है । आज दुनिया के हर कोने में लोग डॉक्यूमेंट बनाने के लिए वर्ड का ही उपयोग करते है क्योंकि एम.एस.वर्ड को उपयोग करना बहुत ही आसान तथा किफायती है । एम.एस.वर्ड को काफी आसन ट्रेनिंग से सीखा जा सकता है तथा हर कोई डॉक्यूमेंट एडिट तथा टाइपिंग का काम घर बैठे कर सकता है । एम.एस.वर्ड की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएं इस प्रकार है -

वेब सम्बन्धित विशेषताए :-

1. एम.एस.वर्ड के माध्यम से वेबसाइट से सम्बंधित फाइल बनाना बहुत ही सुगम तथा आसान हो गया है ।

2. डॉक्यूमेंट को HTML (हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लेंग्वेज) में सेव किया जा सकता है जिसे इंटरनेट ब्राउज़र में देखा जा सकता है । वेबसाइट का निर्माण इन्हीं html फाइल्स से किया जाता है ।

3. एम.एस.वर्ड में मौजूद वेब पेज विज़ार्ड के माध्यम से बड़ी ही आसानी से वेब पेज बनाया जा सकता है ।

4. वेब पेज प्रीव्यू के माध्यम से वेब पेज का प्रीव्यू किसी भी समय देखा जा सकता है की वह पेज वेब ब्राउज़र पर कैसा दिखेगा।

5. हाइपरलिंक इंटरफ़ेस की मदद से दूसरे डाक्यूमेंट्स अथवा पेज को किसी भी पेज में लिंक कर सकते है और इस लिंक पर क्लिक करके पर सम्बंधित पेज खुल जाता है । इस फीचर के उपयोग से सम्बंधित डाक्यूमेंट्स को साथ में बढ़ी सुगमता से रखा जा सकता है ।

6. एम.एस.वर्ड को बड़ी आसानी से इंटरनेट से कनेक्ट किया जा सकता है तथा किसी भी डॉक्यूमेंट को बड़ी ही सरलता से इ-मेल किया जा सकता है ।

आन्तरिक विशेषताए:-

1. भाषा से सम्बंधित सेटिंग्स - एम.एस.वर्ड में बिना किसी दूसरी प्रक्रिया को प्रभावित किये यूजर अपनी मनपसंद भाषा का चयन कर सकता है । वर्ड दुनिया की सभी महत्वपूर्ण भाषाओँ को सपोर्ट करता है । भारतीय भाषाओँ जैसे की हिंदी, संस्कृत, मराठी, गुजराती, पंजाबी, तेलगु, बंगाली, तमिल इत्यादि का आसानी से वर्ड में उपयोग किया जा सकता है तथा डॉक्यूमेंट बनाए जा सकते है ।

2. प्रूफिंग टूल्स का उपयोग कर यूजर अपनी पसंद की भाषा के लिए विशिष्ट सॉफ्टवेयर तथा प्लग-इन डाल सकता है और उस भाषा से सम्बंधित स्पेलिंग तथा व्याकरण जांचने के टूल्स भी डाल सकता है । इस प्रकार वर्ड दुनिया की हर भाषा में काम कर सकता है ।

3. असाइन लैंग्वेज के माध्यम से उसे अपनी मन पसंद भाषा का चुनाव कर सकता है जिसको कंप्यूटर का ऑपरेटिंग सिस्टम सपोर्ट करता है और फिर आसानी तथा सुगमता से काम कर सकता है ।

General Features (सामान्य विशेषताऐ)

1.ऑफिस असिस्टेंट - माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस में काम करते समय यदि कुछ भी सहायता चाहिए होती है तो ऑफिस असिस्टेंट काम आता है । इस मदद से एम.एस. वर्ड से सम्बंधित किसी भी टॉपिक तथा फीचर की जानकारी उसी समय प्राप्त की जा सकती है । वर्ड के हेल्प टूल्स में सभी फीचर की जानकारती मौजूद रहती है जिनका उपयोग यूजर किसी भी समय कर सकता है ।

2.ड्राइंग टूल्स - एम.एस.वर्ड 3 -डायमेंशन (3D) शेप बनाने के टूल्स भी प्रदान करता है जिनकी सहायता से सुन्दर चित्र बना कर डॉक्यूमेंट में डाले जा सकते है । समान्यता ये चित्र विभिन्न आकृतिया जैसे की आयत, वर्ग, गोला , त्रिभुज इत्यादि होती है ।

3.माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस की सबसे बड़ी विशेषता इसके शक्तिशाली एडिटिंग टूल्स तथा प्रूफिंग टूल्स है । माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के माध्यम से हर तरह का डॉक्यूमेंट एडिट किया जा सकता है तथा उसमे मनचाहे परिवर्तन किये जा सकते है । एम.एस.वर्ड में व्याकरण तथा स्पेलिंग सम्बन्धित गलतियों को सही करने के लिए बहुत ही शक्तिशाली टूल्स है जिससे यह अपने एप्प गलत शब्द तथा पंक्ति को हाईलाइट कर देता है । जहाँ भी गलती होती है वह भाग लाल लाइन के साथ आने लग जाता है तथा वर्ड खुद ही सही व्याकरण तथा स्पेलिंग का सुझाव दे देता है जिसे सिर्फ एक क्लिक करके सही किया जा सकता है ।

4.टेम्पलेट विज़ार्ड - एम.एस.वर्ड पहले से निर्धारित फॉरमेट में टेम्पलेट प्रदान करता है जिनके उपयोग से यूजर जल्द तथा आसानी से सूंदर तथा अंतर्राष्ट्रीय स्टैंडर्ड्स के डॉक्यूमेंट बन सकता है । विभिन्न टेम्पलेट फोर्मट्स वर्ड में पहले से ही दिए होते है तथा इंटरनेट के माध्यम से और भी नए नए तथा सुन्दर टेम्पलेट अपनी आवश्यकतानुसार उपयोग में लिए जा सकते है ।

 5.मेल मर्ज - इस टूल की मदद से यूजर कम समय में पर्सनलाइज्ड लेटर तथा डॉक्यूमेंट बना सकता है । इसमें मुख्य डॉक्यूमेंट के साथ मर्ज कर कर कॉरेस्पोंडेंस लेटर्स तैयार कर सकते है । उदहारण के लिए, किसी लेटर में हर यूजर का नाम, फ़ोन नंबर तथा पता डालना है और बाकि का टेक्स्ट एक जैसा ही रहना है तो हम मेल मर्ज का उपयोग कर सभी लेटर शीघ्रता से बना सकते है ।


Sunday, June 14, 2020

प्रिंटर

प्रिंटर


प्रिंटर एक आउटपुट डिवाइस होती है, इसका प्रयोग कंप्‍यूटर के डेटा की हार्डकॉपी बनाने के लिये किया जाता है। की-बोर्ड, माउस के बाद प्रिंटर ही एक ऐसा डिवाइस है, जिसका इस्‍तेमाल सबसे अधिक किया जाता है। ऑफिस, घरों और व्‍यावसायिक प्रतिष्‍ठानों पर प्रिंटर का प्रयोग चिञ, ऑफिस डाक्‍यूमेंट प्रिंट करने के लिये किया जाता है। साधारण तौर पर प्रिंटर कंप्‍यूटर के साथ एक डाटा केबल से जुडा रहता है अौर किसी भी एप्‍लीकेशन से Ctrl+P कमांड देने पर वह आपको प्रिंट दे देता है। लेकिन अाजतक प्रिंटर के साथ नई तकनीकों का प्रयोग किया जाता है। जिसमें वायरलैस प्रिंटिग मुख्‍य है। इसमें प्रिंटर को वाई-फाई और क्‍लाउड से जोडा जाता है। जिससे दूर बैठे ही आप प्रिंटर को कमाण्‍ड दे सकते हैं। क्‍लाउड तकनीक से आप मोबाइल से भी प्रिंटर को कमाण्‍ड दे सकते हैं अौर प्रिंट निकाल सकते हैं।
प्रिंटर्स को 2 केटेगरी में रखा जा सकता है -
1. इम्पैक्ट प्रिंटर
एक प्रभाव प्रिंटर कागज के साथ संपर्क में आता है। यह आमतौर पर एक हथौड़ा या पिन का उपयोग कर कागज के खिलाफ एक स्याही युक्त रिबन दबाकर प्रिंट की छवि बनाता है।
इम्पैक्ट-प्रिंटर के उदाहरण:
डॉट-मैट्रिक्स
डेज़ी-व्हील
ड्रम

2. नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर
वह प्रिंटर जिसमें छपाई के लिए स्याही वाला रिबन पन्नों के ऊपर चोट नहीं करता, नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर कहलाता है| इन प्रिंटर में छपाई के लिए स्प्रे व अन्य इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का प्रयोग किया जाता है|
नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर जैसे
इंक-जेट प्रिंटर
लेज़र प्रिंटर

Wednesday, June 10, 2020

मदरबोर्ड कि पुरी जानकारी

मदरबोर्ड
मदरबोर्ड कम्प्युटर का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है. जिसमे सभी आवश्यक उपकरण जुडे रहते हैं. CPU, RAM, HDD, Monitor, BIOS, CMOS, Mouse और keyboard आदि शामिल है जो Dedicated Ports के माध्यम से जुडे रहते हैं. मदरबोर्ड इन उपकरणों को Power Supply पहुँचाता है और आपस में Communication करवाता हैं.
मदरबोर्ड एक प्लास्टिक शीट होती हैं जिसमे उपकरणॉं को जोडने के लिए विभिन्न Ports बनाये जाते है. प्रत्येक पोर्ट का Connection मदरबोर्ड के Solder हुआ रहता हैं. जिसे हम अपनी आंखों से भी देख सकते हैं.
मदरबोर्ड के कार्य – Functions of Motherboard 
मदरबोर्ड सहायक उपकरणों को जोडने के लिए जगह उपलब्ध करवाता है. इसलिये इसे कम्प्युटर की Backbone भी कहा जाता हैं.
यह Connected Devices को Power Supply पहुँचाता है और उन्हे Manage भी करता हैं.
एक उपकरण की दूसरे उपकरण के साथ बातचीत यानि Communication करवाता हैं.
Computer की BIOS Settings और सूचना को सुरक्षित रखता है ताकि कम्प्युटर आसानी से चालु हो सके.
मदरबोर्ड के विभिन्न भाग
मदरबोर्ड एक Base या Components’ Hub की तरह काम करता हैं. जिससे सभी और आवश्यक कम्प्युटर उपकरण जुडे रहते हैं. प्रत्येक उपकरण एक Dedicated Place पर Connect होता हैं. इस Place या जगह को Port कहा जाता हैं.

प्रमुख मदरबोर्ड 
Intel
ASUS
Gigabyte
AMD
Acer
MSI
ABIT
AOpen
Biostar

मदरबोर्ड में विभिन्न प्रकार के Ports होते हैं. जिनमें कम्प्युटर के अलग-अलग उपकरणों को जोडा जा सकता हैं. Motherboard Ports की पूरी जानकारी 

Serial Port
Serial Ports का उपयोग अतिरिक्त मॉडेम और पुराने माउसों को जोडने के लिया किया जाता हैं. ये Ports 9 Pin और 25 Pin इन दो मॉडल में आते हैं.

Parallel Port
इन Ports में Scanners & Printers को कनेक्ट किया जाता है. यह Ports 25 Pin में होते हैं. इन्हे Printer Port भी कहा जाता हैं.

PS/2 Port
इन Ports का आकार गोल होता हैं. इनके द्वारा माउस और की-बोर्ड को जोडा जाता हैं. आजकल इन पोर्ट का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता हैं.

USB Ports
USB (Universal Serial Bus ) होता हैं. USB Ports के द्वारा सभी प्रकार के USB Devices जैसे माउस, की-बोर्ड, प्रिंटर, हार्ड डिस्क आदि को कनेक्ट किया जा सकता है और इनकी डाटा ट्रांसफर करने की क्षमता बहुत तेज और ज्यादा होती हैं.

VGA Port
Computer Monitor को जोडने का कार्य करता हैं
 इसकी बनावट Serial Port के जैसी ही होती हैं.

Power Connector
Motherboard को Power से जोडने हेतु Power Connector का इस्तेमाल होता हैं. पॉवर सीधे मदरबोर्ड में नही जाती हैं. यह पहले SMPS में जाती हैं इसके बाद मदरबोर्ड में पहुँचती हैं.

Modem Port
Computer को इंटरनेट से जोडने के लिए Modem Port को इस्तेमाल किया जाता हैं. इसकी बनावट कुछ-कुछ USB Port के जैसी होती हैं.

External Ports
एक कम्प्युटर को दूसरे कम्प्युटर से जोडने के लिये इन Ports का इस्तेमाल किया जाता हैं. इनमे Network Cable को जोडा जाता हैं.

Game Port
Game Consoles और Joystics को जोडने के लिए गेम पोर्ट का इस्तेमाल किया जाता हैं. मगर, आजकल इनकी जगह USB Ports का इस्तेमाल होने लगा है.

DVI Port
DVI (Digital Video Interface ) होता हैं. DVI Port का उपयोग Flat Panel Monitors यानि LCD, LED को कम्प्युटर से जोडने के लिए किया जाता है.

Sockets
Speakers और Microphones को कम्प्युटर से कनेक्ट करने के लिए Sockets का इस्तेमाल किया जाता है. ये गोल और छोटे होते हैं.

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